खरसावां के नंदूडीह में पुलिस द्वारा अफीम की खेती
के विरुद्ध चलाया जागरुकता अभियान, ग्रामीणों में बाटे चॉकलेट,
अफीम की खेती की तो आने वाली पीढ़ियां तक होंगी बर्बाद-गौरव,
kharsawan
सरायकेला खरसावां जिला पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के निदेशानुसार खरसावां प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र नंन्दुडीह गांव में खरसावां पुलिस के द्वारा प्री क्लटीवेशन ड्राइव के तहत अफीम एवन अन्य मादक पदार्थों के विरुद्ध जागरुकता अभियान चलाया गया। वही ग्रामीणों के बीच चॉकलेट भी बाटे गए। जागरुकता अभियान का नेतृत्व कर रहे खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने ग्रामीणों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों और वैकल्पिक खेती के बारे में जानकारी दी। मौके पर श्री कुमार ने कहा कि अफीम की खेती करते पकड़े गए तो जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।

अफीम की खेती होने से जमीन की उर्वरा शक्ति पूरी तरह नष्ट हो जाती है और जमीन धीरे-धीरे बंजर हो जाती है। इसके अलावा अफीम की खेती से आने वाली पीढ़ियों पर भी काफी दुष्प्रभाव पड़ेगा। अफीम की खेती करने वाले लोगों के खिलाफ कड़े कानून बने हुए हैं। साथ ही ग्रामीणों को वैल्पिक खेती के बारे में जानकारी दी गई और ग्रामीणों को अवैध गतिविधियों से दूर रहने तथा समाज में व्याप्त नशा एवं मादक पदार्थों के दुष्चक्र को समाप्त करने में सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया और तुरंत इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को देने की बात कही। उन्होने कहा कि नशा मुक्ति और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर ऐसे अभियान चलाए जाते रहेंगे। खरसावां में अफीम की खेती बिल्कुल ना हो पाए। इसी उद्देश्य को लेकर ग्रामीणों को पहले से ही अफीम की खेती के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। इस जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों को यह बताया जा रहा है कि अफीम की खेती करने से क्या-क्या नुकसान हो सकता है. इसके अलावा कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी ग्रामीणों को दी जा रही है। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस के जवान, ग्रामीण महिला और पुरूष उपस्थित थे।
