आदिवासी कुड़मि समाज के प्रदेश संगठन सचिव स्व. संजीव कुमार महतो के असामयिक निधन पर गहरा शोक*
Chakradharpur
आदिवासी कुड़मि समाज आज अत्यंत मर्माहट और शोक की स्थिति में है। समाज के समर्पित, संघर्षशील एवं कर्मठ नेता प्रदेश संगठन सचिव संजीव कुमार महतो का असामयिक निधन समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है।
पश्चिम सिंहभूम जिला अंतर्गत चक्रधरपुर प्रखंड के चंद्री ग्राम निवासी स्व. संजीव कुमार महतो समाज के उन बिरला कार्यकर्ताओं में से थे जिन्होंने जीवनभर कुड़मि समाज की एकता, सम्मान, संस्कृति की रक्षा तथा सामाजिक जागरण के लिए स्वयं को समर्पित रखा। रेल टेका आंदोलन, सामाजिक उत्थान के कार्यों और झारखंड, बंगाल एवं ओडिशा में समाज के संगठन को सुदृढ़ बनाने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

दिनांक 29 अक्टूबर की सुबह टहलने के दौरान हुए दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आई। तत्पश्चात रेलवे अस्पताल चक्रधरपुर में प्राथमिक उपचार के बाद उचित चिकित्सा हेतु जमशेदपुर टीएमएच में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें संध्या 7:25 बजे मृत घोषित कर दिया।

उनका इस प्रकार अकस्मात् चले जाना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि संपूर्ण कुड़मि समाज के लिए गहन शोक और पीड़ा का विषय है। उन्होंने अपने पीछे विधवा मां, एक भाई, एक बहन, शिक्षिका पत्नी, एक पुत्री और एक पुत्र को छोड़ दिया है। समाज इस दुखद घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है और ईश्वर से प्रार्थना करता है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिवार को इस असहनीय क्षति को सहने की शक्ति दें।

उनके अंतिम संस्कार के समय समाज के वरिष्ठ मुलखुंटी मूलमानता अजीत प्रसाद महतो, केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो, केंद्रीय महासचिव सुनील कुमार गुलिआर, केंद्रीय सहसचित जयराम महतो, गुणधाम मुतरुआर सहित अनेक सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिन्होंने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और समाज से आह्वान किया कि हम सभी स्व. संजीव कुमार महतो के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
स्व. महतो जी का जीवन समाजसेवा, निष्ठा और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उनका जाना केवल एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि एक विचारधारा की क्षति है। अब यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि उनके सपनों के समाज की दिशा में एकजुट होकर कार्य करें।
