कुचाई के सुरसी में तीन करोड से वर्ष-2022 में स्थापित एग्रो टेक्नोलॉजिकल पार्क का विधानसभा में उठा मुद्दा, सरकार ने दी सफाई, पांच सौ किसानों को जोडकर संचालन जारी,
Kuchai
कुचाई प्रखंड के अंतर्गत सुरसी में तीन करोड की लागत से वर्ष-2022 में स्थापित एग्रो टेक्नोलॉजिकल पार्क के संचालन का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया। खरसावां विधायक दशरथ गागराई द्वारा पूछा गया था कि कुचाई प्रखंड स्थित एग्रो टेक्नोलॉजिकल पार्क योजना की स्थापना, उद्देश्य, क्रियान्वयन और वर्तमान स्थिति पर जानकारी मांगी गई थी। जिसके के जवाब में झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने कुचाई प्रखंड स्थित एग्रो टेक्नोलॉजिकल पार्क को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार की ओर से दिए गए उत्तर में बताया गया कि कुचाई प्रखंड में एग्रो टेक्नोलॉजिकल पार्क की स्थापना वर्ष 2022 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढाना था, जिसके तहत नगदी एवं व्यावसायिक फसलों की आधुनिक खेती, दुग्ध उत्पादन, मछली पालन, बकरी पालन, शहद उत्पादन और फूलों की खेती को बढावा देना शामिल था। कार्यकारी एजेंसी के रूप में बेटर वर्ल्ड फाउंडेशन को जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे परियोजना के विभिन्न अवयवों का निर्माण करने के साथ-साथ आसपास के गांवों के किसानों को संगठित कर किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाने का दायित्व सौंपा गया था। सरकार ने स्पष्ट किया कि एजेंसी द्वारा किए गए कार्यों का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया और सत्यापन के बाद ही किया गया। सरकार ने यह भी बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस एग्रो पार्क को संचालन के लिए स्थानीय किसान उत्पादक संगठन को सौंप दिया गया है। विगत 6 जुलाई 2025 को इसे विधिवत रूप से सुरसी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को हस्तांतरित कर दिया गया। इस कंपनी के गठन के लिए आसपास के गांवों छोटासेगोई, भुरकुंडा, बढारीगोई और सुरसी मरंागहातुके करीब 500 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है। वर्तमान में एग्रो पार्क के विभिन्न घटकों का संचालन यही संगठन कर रहा है। सरकार ने इस बात को अस्वीकार किया कि योजना अनुपयोगी हो गई है या किसानों को इससे लाभ नहीं मिल रहा है। विभाग के अनुसार, परियोजना सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी है और नियमित रूप से संचालित हो रही है। इस संबंध में विभाग द्वारा 17 मार्च 2026 को झारखंड विधानसभा सचिवालय को 200 प्रतियों में प्रश्नोत्तर की प्रति भेजी गई है, ताकि आवश्यक कार्रवाई और जानकारी सुनिश्चित की जा सके।
