खरसावां के उ0उ0वि0 कृष्णापुर में गोस्वामी तुलसीदास
व मुंशी प्रेमचंद की मनाई जयंती, तुलसीदास ने रचनाओं के माध्यम
से श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया- विश्वजीत
kharsawan
खरसावां के उत्क्रमित उच्च विद्यालय कृष्णापुर में प्रख्यात रामभक्त कवि गोस्वामी तुलसीदास व “कलम के सिपाही“ मुंशी प्रेमचंद की जयंती हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई। सर्वप्रथम समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और सदन कप्तानों ने इन युगल विभूतियों के चित्रपट पर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। तदुपरांत शिक्षिका नूतन रानी के द्वारा राम स्तुति की मनमोहक प्रस्तुति की गई। मौके पर हिंदी शिक्षक विश्वजीत कुमार सतपथी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जयंती केवल एक संत की जयंती नहीं, बल्कि भारतीय भक्ति साहित्य की गौरवपूर्ण विरासत का उत्सव है। तुलसीदास जी ने अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने भक्ति को सिर्फ एक धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणादायक शैली के रूप में स्थापित किया। उनकी रचनाएं आज भी धर्म, नैतिकता और भक्ति के स्थायी और अमूल्य स्त्रोत हैं। वे भगवान श्रीराम के प्रति अपनी अटल और अनन्य भक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होने कहा कि उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जीवनी पर रोशनी डालते हुए श्री सतपथी ने कहा कि मुंशी जी की रचनाओं में औपनिवेशिक भारतीय समाज की विद्रूपताओं का अक्स नजर आता है। उन्होंने लगभग 350 कहानियाँ तथा डेढ़ दर्जन उपन्यास लिखे। अपनी सरल, सजीव व मुहावरेदार शैली के कारण हुए वे बेहद लोकप्रिय हैं। शिक्षक खिरोधर साहू ने तुलसीदास के जीवन संघर्षों का वर्णन करते हुए “जरा देर ठहरो राम“ गाना गाकर समाँ बांध दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को नियमित रूप से रामचरितमानस की चौपाइयों का पाठ करना चाहिए। इससे एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। छात्रा अंजली गोप ने भी गोस्वामी जी के जीवन वृत्त पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्रा मौसमी महतो ने कहा कि वे पहले नवाब राय के नाम से उर्दू में लिखा करते थे। अंग्रेज सरकार के द्वारा श्सोजेवतनश् की जब्ती के बाद उन्होंने हिंदी में लिखना शुरू किया। छात्रा संतोषी गोप ने क्विज का संचालन किया। इस अवसर पर आयोजित की गई। निबंध प्रतियोगिता में वर्ग नवम के छात्र तनिष्क सिंहदेव को विजेता घोषित किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार, महादेव मुंडा, प्रभा कुमारी, रणवीर महतो, योगेंद्र महतो, सुभाष चंद्र तांती तथा भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
March 10, 2026 4: 53 am
Breaking
- सरायकेला में नुक्कड़ नाटक कर जन-जन को आयुष अपनाने हेतु किया प्रेरित, क्रॉनिक बीमारियों को जड़ से मिटाने की जो शक्ति आयुर्वेद में है वह किसी अन्य चिकित्सा पद्धति में नहीं- डॉ पूनम कुमारी
- खरसावां में मां बसंती पूजा की तैयारी को लेकर बैठक, 23 मार्च से शुरू होगा चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान, विजया दशमी पर ब्राह्मण बच्चों के लिए होगा सामूहिक व्रत उपनयन संस्कार,
- झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) बोर्ड की नवीं कक्षा के हिंदी प्रश्न पत्र के लगभग 33 प्रतिशत प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस
- खूंटपानी में कोल्हान रक्षा संघ का महासम्मेलन, हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, हक और अधिकारों की रक्षा के लिए सजगता जरूरी-डिंबार जोको,
- महिला दिवस पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने विधायक सविता महतो से की शिष्टाचार मुलाकात
- खरसावां के आन्नदडीहु, जोजोडीह, दलाईकेला व कस्तृरबॉ में नुक्कड नाटक के तहत आयुष पद्धति अपनाने के लिए दिलाई शपथ, बताया आयुष पद्धति न केवल रोगों के उपचार में है सहायक,
- कुचाई के जिलिंगदा में सरहुल पर्व की तैयारी को लेकर बैठक, 21 मार्च को मनाया जायेगा सरहुल, सरहुल केवल एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति, संस्कृति और समाज के आपसी संबंधों का प्रतीक है
- खूंटपानी में वृहद झारखण्ड मोर्चा का वार्षिक महाधिवेशन संर्पन्न, झारखंडियों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का संकल्प, जनता कई वर्षों से तलाश रहे राजनीतिक विकल्प-बिरसा सोय
