खरसावां में सरकारी खर्च पर होने वाले मुस्लिम
केे एक मात्र त्योहार मुहर्रम सरकारी उपेक्षा का शिकार,
सिर्फ कोलम पूरा कर निभाते है अपना दायित्व,
kharsawan झारखंड सरकार के विधि विभाग से प्राप्त राशि से खरसावां में 10 पूजा व धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है। इसमें मुख्य रुप से चड़क पूजा, चौत्र पर्व, रथ यात्रा, धुलिया जंताल पूजा, नुआखाई जंताल पूजा, इंद्रोत्सव, दुर्गा पूजा, काली पूजा के साथ-साथ मुस्लिमों का एक मात्र त्योहार मुहर्रम का भी आयोजन किया जाता है। लेकिन मुस्लिमों का एक मात्र त्योहार मुहर्रम सरकारी उपेक्षा का शिकार है। हर सरकारी पूजा व धार्मिक अनुष्ठानों के सिफल आयोजन को लेकर खरसावां में पूजा समिति की बैठक की जाती है। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि सरकारी मुहर्रम त्योहार को लेकर खरसावां अंचल में बैठक का आयोजन नही किया जाता है। सिर्फ कोलम पूरा कर अपना दायित्व निभाया जाता है। कभी ईमाम बाडा की साफ सफाई नही करवाया जाता है। महंगाई के इस दौर में मुहर्रम त्योहार पर 1.20 लाख रूपये खर्च होता है। लेकिन सरकार के द्वारा मात्र 22 हजार देकर अपना दायित्व निभाते है। बाकि खर्च सहयोग लेकर किया जाता है। मुहर्रम का त्योहार नाम मात्र सरकारी रह गया है। खरसावां में मुहर्रम का त्योहार शुरू हो चुका है। लेकिन अभी तक ईमाम बाडा की सफाई तक नही हुआ है। ईमाम बाडा के समीप गंदी नाली बह रहा है। जिससे बदबु आ रहा है। नाली पर लगी सलेप बिखरा पडा है। घास भी उग गया है। जबकि खरसावां के ईमाम बाडा रख रखाव की सारी जिम्मेदारी खरसावां अंचल की है। इस मामले को शांति समिति की बैठक में खरसावां अंचल अधिकारी कप्तान सिंकू के सामने उठाया गया जो उन्होने चुप्पी साध लिया।
इन 10 धार्मिक अनुष्ठानों पर खर्च होती है राशि
खरसावां सीओ सिंकु के अनुसार राज्य सरकार के विधि विभाग से प्राप्त राशि से खरसावां में 10 पूजा व धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है। इसमें मुख्य रुप से चड़क पूजा, चौत्र पर्व, रथ यात्रा, धुलिया जंताल पूजा, नुआखाई जंताल पूजा, इंद्रोत्सव, दुर्गा पूजा, काली पूजा के साथ-साथ मुहर्रम का भी आयोजन किया जाता है। साथ ही प्रत्येक सप्ताह खरसावां के कुम्हारसाही स्थित पाउड़ी पीठ में मां पाउड़ी की पूजा की जाती है।
March 12, 2026 3: 11 pm
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