कुचाई मे प्रखंड स्तरीय खरीफ के कार्यशाला मे किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के तौर-तरीके सिखाए, किसानों को उत्तर उत्पादन के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाए-बीडीओ
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कुचाई प्रखंड मुख्यालय के सभागार में शुक्रवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रखंड के विभिन्न गांव से आए किसानों ने भाग लिया तथा किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के तौर-तरीके सिखाए गए। कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी साधु चरण देवगम, सांसद प्रतिनिधि मानसिंह मुंडा, प्रखंड कृषि पदाधिकारी ल्यूमिनस हेम्बम, बीटीएम राजेश कुमार आदि दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर श्री देवगम ने कहा कि आज के समय में केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहकर अच्छी आमदनी हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है।

बदलते मौसम और सुखाड़ जैसी समस्याओं को देखते हुए किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि किसान यदि व्यावसायिक और बाजार आधारित फसलों की खेती करें तो उनकी आय में निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी। वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर उत्पादन बढ़ता है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है, जिससे किसानों को बाजार में अधिक लाभ मिलता है। जबकि सांसद प्रतिनिधि मानसिंह मुंडा ने कहा कि किसान ऐसी फसलों की खेती करें, जिनमें कम पानी की जरूरत पड़ती हो। उन्होंने कहा कि सुखाड़ की स्थिति में पानी सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में कम पानी वाली वैकल्पिक फसलें किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि दलहन, तिलहन और अन्य कम लागत वाली फसलों को बढ़ावा देकर किसान कम संसाधनों में भी बेहतर आमदनी कमा सकते हैं। इससे खेती का जोखिम भी कम होगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कार्यशाला में जल संरक्षण को खेती की सफलता का अहम हिस्सा बताया गया। बीटीएम राजेश कुमार ने कहा कि यदि किसान जल संचयन और आधुनिक सिंचाई पद्धति पर ध्यान दें तो कम बारिश की स्थिति में भी फसल बचाई जा सकती है। विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रिप सिंचाई, वर्षा जल संचयन और खेत तालाब जैसी तकनीकें किसानों के खर्च को कम कर सकती हैं और उत्पादन बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती हैं।
कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को नई तकनीकों और आधुनिक कृषि उपकरणों की जानकारी दी। साथ ही कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर लागत कम होती है और उत्पादन अधिक मिलता है। किसानों को बीज चयन, मिट्टी जांच, जैविक खाद और मौसम आधारित खेती की जानकारी भी दी गई। इस दौरान में रूप से सांसद प्रतिनिधि मान सिंह मुंडा, बीडीओ साधु चरण देवगम,, प्रखंड कृषि पदाधिकारी ल्यूमिनस हेंब्रम, बीटीएम राजेश कुमार, बीपीएम रमेश द्विवेदी, किसान मित्र और महिला कृषक उपस्थित थे।
