खरसावां में जोडा बैल योजना के तहत तीन किसानों को मिला बैल जोडी, एक लाभुक ने लौटाया बैल, छोटे और सीमांत किसानों को आत्मनिर्भर बनाने उदेश्य-बोदरा
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राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जोडा बैल योजना के तहत सोमवार को खरसावां पशु चिकित्सा अस्पताल परिसर में किसानों के बीच 3 यूनिट बैल जोडी का वितरण किया गया। लेकिन एक लाभूक ने बैलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए बैल लेने से इंकार कर दिया। लाभुक ने आरोप लगाया कि वितरण किए गए बैल कमजोर हैं और योजना में अनियमितता बरती गई है।

लाभूको के बीच बैल वितरण में मुख्य रूप से सरायकेला-खरसावां जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, खरसावां प्रमुख मनेन्द्र जामुदा, मुखिया सुनिता तापे तथा प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा शंकर सिंह मौजूद रहे। जोडा बैल योजना के तहत गुलाबी प्रधान, हीरालाल बोयपाई, माधुरी सोय तथा उर्मिला प्रधान को 90 प्रतिशत अनुदान एवं 10 प्रतिशत अंशदान पर एक-एक यूनिट बैल जोडी दिया जाना था। इनमें से गुलाबी प्रधान, हीरालाल बोयपाई और माधुरी सोय ने बैल जोडी स्वीकार कर लिया, जबकि उर्मिला प्रधान ने बैलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए बैल लेने से इंकार कर दिया। लाभुक ने आरोप लगाया कि वितरण किए गए बैल कमजोर हैं और योजना में अनियमितता बरती गई है। मौके पर श्री बोदरा ने कहा कि जोडा बैल योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को कृषि कार्य के लिए सहयोग प्रदान कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जोडा बैल योजना छोटे एवं सीमांत किसानों को खेती में सहायता देने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने लोगों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की। इस दौरान मुख्य रूप से जिप अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, खरसावां प्रमुख मनेन्द्र जामुदा, खरसावां मुखिया सुनिता तापे, प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा शंकर सिंह, मुखिया मंगल सिंह जामुदा आदि उपस्थित थे।
