खरसावां छऊ नृत्य कला केंद्र में गुरु निर्मल विषई को श्रद्धांजलि, कलाकारों ने बताया अनमोल रत्न
Kharsawan
खरसावां छऊ नृत्य कला केंद्र में रविवार को एक शोक सभा का आयोजन कर प्रख्यात छऊ गुरु एवं जड़ी-बूटी विशेषज्ञ स्वर्गीय गुरु निर्मल विषई की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर उपस्थित छऊ नृत्य के गुरुओं एवं कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए खरसावां का “अनमोल रत्न” बताया।

शोक सभा को संबोधित करते हुए खरसावां छऊ नृत्य कला केंद्र के सचिव मोहम्मद दिलदार ने कहा कि संसार में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति एक कलाकार होता है। सभी अपनी-अपनी भूमिका निभाकर इस संसार से विदा लेते हैं, लेकिन जिनके कर्म और योगदान श्रेष्ठ होते हैं, समाज उन्हें उनके जाने के बाद भी याद करता है और उनके लिए आंसू बहाता है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय निर्मल विषई ने कला और समाज सेवा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है।
छऊ नृत्य विशारद सुमंत चंद्र मोहंती ने कहा कि स्वर्गीय निर्मल विषई बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे एक कुशल कलाकार, गुरु और नृत्य विशारद होने के साथ-साथ जड़ी-बूटियों के विशेषज्ञ भी थे। उन्होंने समाज की सेवा करते हुए लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि खरसावां ने अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है।
शोक सभा का संचालन पिनाकी रंजन ने किया। कार्यक्रम में गुरु बसंत कुमार गणतायत, मो. रमजान, नित्या शंकर नंदा, सुदीप घोड़ेई, समीर नायक, लखींद्र नायक, दयाल लेट, मुकेश घोड़ेई, सुशील षाडंगी, एंजेल केशरी, चांदनी कुमारी, बिंदिया कुमारी, अंजली कुमारी, सोनी कुमारी, सुमन रविदास सहित बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
