खरसावां में फिर से छऊ महोत्सव आयोजन की मांग, विधायक के नेतृत्व में उपायुक्त से मिले छऊ कलाकार, खरसावां में ‘पूजा एड’ के नाम पर मात्र मिलती है एक लाख की राशि
Kharsawan
सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां में छऊ महोत्सव-2026 के पुनः आयोजन को लेकर पहल तेज हो गई है। खरसावां के विधायक दशरथ गागराई के नेतृत्व में छऊ नृत्य शैली के गुरु एवं कलाकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज जिले के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह से मुलाकात कर सरायकेला की तर्ज पर खरसावां में भी छऊ महोत्सव आयोजित कराने का अनुरोध किया। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को अवगत कराया कि खरसावां, राज्य के भारत गणराज्य में विलय के समय हुए समझौते के तहत सरायकेला के साथ-साथ यहां भी जिला प्रशासन द्वारा छऊ उत्सव आयोजित किया जाता था। हालांकि, पिछले लगभग 14 वर्षों से पर्याप्त बजट के अभाव में यह परंपरा बंद पड़ी है।

वर्तमान में प्रखंड स्तर पर ‘पूजा एड’ के नाम पर मात्र एक लाख रुपये की राशि मिलती है। जो आयोजन के लिए अपर्याप्त है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि खरसावां का छऊ उत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्राचीन पूजा-अर्चना और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इस दौरान खरसावां के राजा गोपाल नारायण सिंहदेव ने वर्ष 1948 में राजघराने और भारत सरकार के बीच हुए मर्जर एग्रीमेंट की प्रतिलिपि भी उपायुक्त को सौंपी। विधायक दशरथ गागराई ने कलाकारों की पूर्व बैठक की कार्यवाही (प्रोसिडिंग) की प्रति और शीघ्र आयोजन के लिए अनुशंसा पत्र भी उपायुक्त को सौंपा। उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक चरण में सीमित बजट से कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, जिसे आगे चलकर भव्य रूप दिया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल में सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, छऊ नृत्य कला केंद्र खरसावां के सचिव मोहम्मद दिलदार, गुरु परमानंद नंद, नृत्य विशारद सुमंत चन्द्र मोहंती, नृत्य प्रशिक्षक बसंत कुमार गणतायत, नृत्य प्रशिक्षक मो रमजान, बांकसाई घराने के मनोज कुमार सिंहदेव सहित कई कलाकार शामिल थे।
