खरसावां के सुपाईसाई में 16 प्रहर हरिनाम संकीर्तन
संर्पन्न, भक्तिमय माहौल में गूंजे जयकारे, श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण
की परिक्रमा कर उन्हें अर्पित किया रंग-गुलाल.
kharsawan
खरसावां प्रखंड के सुपाईसाई गांव में श्री श्री हरि संकीर्तन समिति के द्वारा आयोजित 16 प्रहर हरिनाम संकीर्तन शनिवार को धुलौट और कुंज विसर्जन के साथ संपन्न हो गई। इस दौरान गांव का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा. श्रद्धालु “हरे कृष्णा-हरे राम” के जयकारा के साथ संकीर्तन में लीन रहे. कुंज विसर्जन पर बडी संख्या में ग्रामीण संकीर्तन स्थल पर शामिल हुए।

राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना, आरती और भोग के साथ संकीर्तन की पूर्णाहुति की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण की परिक्रमा कर उन्हें रंग-गुलाल अर्पित किया। आपस में भी रंग-गुलाल खेलते हुए संकीर्तन का समापन किया।

कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया और देर शाम राधा-कृष्ण की प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया। तीन दिवसीय संकीर्तन के दौरान खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने अपनी पत्नी बासंती गागराई के साथ संकीर्तन स्थलपर पहुंचकर राधा-कृष्ण की पूजा अर्चना की। इसके अलावा सरायकेला खरसावां जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, पूर्व विधायक शशि भूषण समद, ओडयिा भाषा विकास परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष प्रो नागेश्वर प्रधान, दिलीप प्रधान समेत बडी संख्या में लोग संकीर्तन स्थल पर पहुंचे। राधा-कृष्ण की परिक्रमा करते हुए खुशहाली की कामना की। 16 प्रहर संकीर्तन के दौरान पूरे गांव में उत्सव का भक्ति पूर्ण माहौल देखा गया. राधा और कृष्ण भक्ति के रस में श्रद्धालु डूबे रहे। श्रद्धालु राधे राधे और जय श्रीकृष्णा के जयकारे लगाते रहे। इस संकीर्तन में मुख्य रुप से पश्चिम बंगाल के झाडग्राम के ईलारानी, ओडिशा पुरुलिया के अवनी दास, पुरुलिया के गौर विष्णु प्रिया महिला संप्रयाद, मेदनीपुर के रंजीत दास महिला संप्रदाय, पुरुलिया के भुवनदास संकीर्तन दल समेत जोजो कुडमा के जीत मोहन महतो, सरगीडीह के नारायण दास व दुलमी (रांची) के भुवन दास की के कीर्तन मंडली ने भी राधा-कृष्ण पर आधारित संकीर्तन प्रस्तुत किया. इस दौरान भंडारे का आयोजन कर भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से पंडित भरत मिश्र, नारायण दास, मकरध्वज प्रधान, सुदर्शन प्रधान, नारायण प्रधान, दिवाकर प्रधान, उमाशंकर प्रधान, शचिंद्र प्रधान, लक्ष्मी नारायण प्रधान, सादो बानरा, मैत्र तांती, उमाशंकर मुदी, सत्य कुमार प्रधान, राम प्रधान, चिंतामणी प्रधान, भागरथी प्रधान, मुरारी प्रधान, गोपाल प्रधान आदि ग्रामीण उपस्थित थे।
