कुचाई के सुदूरवर्ती दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के गांवों का
विधायक ने किया दौरा, ग्रामीणों में जगी विकास की नई उम्मीद,
सुदूर क्षेत्रों का विकास उनकी प्राथमिकता है-गागराई,
kuchai
खरसावां विधानसभा क्षेत्र के विधायक दशरथ गागराई ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ कुचाई प्रखंड के सुदूरवर्ती दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र स्थित रोलाहातु पंचायत के विभिन्न गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और समाधान का आश्वासन दिया। विधायक के दौरे से ग्रामीणों में गांवों के विकास की नई उम्मीद जगी है। विधायक दशरथ गागराई ने रोलाहातु पंचायत के पहाड़ी क्षेत्र के कोमाय, बांदुबेडा, लोटाबुरू गांवों का दौरा कर लोगों की समस्याओं से अवगत हुए। पहाड़ी की चोटी में गांव होने के कारण सड़क, शिक्षा, बिजली, पानी एवं स्वास्थ सुविधाओं की घोर कमी पाया गया। ग्रामीण पैदल और बाईक से ही सफर करते पाये गए। क्षेत्र भ्रमण के दौरान कभी अति नक्सल क्षेत्र रहे लॉजी स्कूल भी जाने का मौका मिला। जो चक्रधरपुर प्रखंड में पड़ता है। इस दौरान गांव के लोगों ने अपनी समस्याएं बिंदुवार रखीं, जिन पर विधायक दशरथ गागराई ने प्राथमिकता के आधार पर समाधान का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि इन इलाकों में पहुंचने के लिए आज भी पहाड़ी और दुर्गम रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। सड़क, बिजली, पेयजल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है, जिससे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे आवागमन लगभग ठप हो जाता है। बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है और बीमार लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। मौके पर श्री गागराई ने कहा कि सुदूर क्षेत्रों का विकास उनकी प्राथमिकता है। पहाड़ी क्षेत्र के गांवों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा रहा है। क्षेत्र में रोड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में काम हो रहा है। आने वाले समय में पहाड़ी क्षेत्र की सड़कों के जीर्णाेद्धार की दिशा में पहल करेंगे, ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिले।

दुर्गम क्षेत्रों के भ्रमण से समस्याओं का मिला अंबार,
कुचाई प्रखंड के सुदूरवर्ती एवं दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में विधायक दशरथ गागराई के क्षेत्र भ्रमण के दौरान समस्याओं का अंबार सामने आया। रोलाहातु पंचायत के विभिन्न गांवों में पहुंचकर जब हालात का जायजा लिया गया, तो बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ तौर पर नजर आई। ग्रामीणों ने बताया कि आज भी कई गांव सड़क, बिजली और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। पहाड़ी और कच्चे रास्तों के कारण आवागमन बेहद कठिन है, जिससे खासकर बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। भ्रमण के दौरान यह भी सामने आया कि कई टोला-टोलों में बिजली आपूर्ति अनियमित है और पेयजल के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं, जिससे ग्रामीणों में असंतोष देखा गया। ग्रामीणों ने विधायक से जल्द से जल्द समस्याओं के समाधान की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में जनजीवन और अधिक प्रभावित हो सकता है।

ग्रामीणों सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं
खरसावां विधायक दशरक गागराई ने ग्रामीणों के साथ बैठक करते हुए कहा कि ग्रामीण जागरूक होकर राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग के लोगों तक पहुंचे। सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। सरकारी योजनाओं का लाभ सुलभ तरीके से लोगों तक पहुंचे, ऐसी व्यवस्था की जा रही है।
मोबाइल टावर और शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि सीमावार्ती क्षेत्रों में संचार व्यवस्था पूरी तरह बाधित है। स्कूलों में शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है। शिक्षकों की भारी कमी है। ग्रामीणों ने इन समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। लोगों को स्वच्छ पानी व सुलभ चिकित्सा व्यवस्था नहीं पा रही है. इस पर विधायक दशरथ गागराई ने साकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया।
कभी नक्सल प्रभावित रहा क्षेत्र, अब विकास की उम्मीद
रोलाहातु पंचायत का यह क्षेत्र कभी घोर नक्सल प्रभावित इलाका माना जाता था। घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरे इस क्षेत्र में पहुंचना बेहद कठिन था। हालांकि अब नक्सल गतिविधियों में कमी आई है और क्षेत्र धीरे-धीरे विकास की मुख्य धारा से जुड़ रहा है। विधायक के इस दौरे और ग्रामीणों के साथ संवाद के बाद ग्रामीणों में उम्मीद की नई किरण जगी है। उन्हें विश्वास है कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा और आने वाले समय में उनका गांव भी विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा।
ये थै मौजूद
खरसावां विधायक दशरक गागराई, समाजसेवी बासंती गागराई, धर्मेंद्र सिंह मुंडा, भरत सिंह मुंडा, मुन्ना सोय, मुखिया करम सिंह मुंडा, मुखिया राम सोय, मुखिया सतारी सांगा, राहुल सोय, गोबरा मुंडा, कल्याण कांडीर, जोशेफ टूटी, भोंज सांगा, मरियम सांगा, ग्रेस पुरती, एतवा हंस, नजीर सोय, जीवन कांडीर, विरसा कांडीर, जोन मुंडा आदि ग्रामीण उपस्थित थे।
