खरसावां में विजयादशमी के साथ बासंती पूजा संर्पन्न
ब्राहम्ण समाज के 25 युवाओं का हुआ उपनयन संस्कार
kharsawan
खरसावां के बासंती मंदिर में श्री श्री 108 वां मॉ बासंती पूजा समिति के ब्राहम्ण समाज के द्वारा आयोजित बासंती पूजा विजयादशमी के साथ संर्पन्न हो गई। खरसावां के ब्राहम्ण समाज ने वर्ष 1903 से बासंती पूजा आरंभ किया था। जो प्रति वर्ष चौत्र नवरात्र के रूप में मनाया जाता है। पिछले चार दिनो से चली आ रही पूजा अर्चना विजयादशमी पूजा के बाद मां की प्रतिमा को जलाशय में विसजित कर दिया गया।

विजयादशमी के दिन ब्राहम्ण बालको का ब्रतोपनयन भी किया गया। इस वर्ष झारखंड, बिहार, उडिसा, पंश्चिम बगाल से आय 25 ब्राम्हण युवाओं का उपनयन (जेनवु) निःशुल्क की गई। उपनयन के बाद रूसीया गोमन यात्रा परंम्परा निभाई गई। मंदिर में महासप्तमी, महाअष्टमी, महानवी एवं विजयादशमी की पूजा अर्चना पारंम्परिक विधि विधान के तहत किया गया। मंदिर में पूजा अर्चना के दौरान बकरे की बलि चढाई गई। वही खीर, खिचडी, मॉस, पीठा की तैयारी कर मां के समझ चठाया गया। और सामुहिक रूप से ब्राहम्ण समाज के द्वारा प्रसाद सेवन भी किया गया। ब्राम्हण युवाओं का उपनयन एवं बासंती पूजा में विभिन्न राज्यों से समाज के लोग भी शामिल हुए।
