खूंटपानी में वृहद झारखण्ड मोर्चा का वार्षिक महाधिवेशन
संर्पन्न, झारखंडियों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का संकल्प,
जनता कई वर्षों से तलाश रहे राजनीतिक विकल्प-बिरसा सोय
khutpani
खूंटपानी प्रखंड के लोहरदा में वृहद झारखण्ड मोर्चा का प्रथम वार्षिक महाधिवेशन केंद्रीय अध्यक्ष बिरसा सोय की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने झारखंड के विकास, झारखंडियों के अधिकार तथा राज्य की वर्तमान व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की।

मौके पर श्री सोय ने कहा कि झारखंड की जनता कई वर्षों से एक मजबूत राजनीतिक विकल्प की तलाश में है, ताकि झारखंड सच मायनों में गांवों का राज्य बन सके। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की आवाज वर्षों से लोगों के दिलों में गूंज रही है और इसे धरातल पर उतारना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य बने 25 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी राज्य में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार, कृषि, सिंचाई और सरकारी नौकरी जैसे बुनियादी मुद्दों पर अपेक्षित काम नहीं हुआ है। इसके कारण राज्य विकास की दौड़ में काफी पीछे चला गया है।

जबकि केंद्रीय कोषाध्यक्ष अभय सिंह जामुदा ने कहा कि केवल नेताओं के झूठे आश्वासन और भाषण से समाज और राज्य का विकास संभव नहीं है। इसके लिए समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य में व्यवस्था परिवर्तन की जरूरत है, जब तक वर्तमान व्यवस्था में बदलाव नहीं होगा, तब तक समाज और राज्य का समुचित विकास संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड के कोल्हान प्रमंडल क्षेत्र में सबसे अधिक उद्योग होने के बावजूद यहां के बेरोजगार युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है और उन्हें दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र के उद्योगों और खदानों में स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए। वही पश्चिमी सिंहभूम जिला अध्यक्ष दुर्गा चरण पुरती ने कहा कि जागरूक लोग ही एक जागरूक समाज का निर्माण कर सकते हैं। इसी उद्देश्य से वृहद झारखण्ड मोर्चा गांव-गांव में लोगों को उनके हक और अधिकार के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है, लेकिन इसके बावजूद यहां की जनता आज भी भय, भूख, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रही है। इस दौरान मुख्य रूप से जयद्रत दोंगो, पोंडे राम पुरती, जेवियर जामुदा, सावन बारला, गोंडो पुरती, रायसिंह जामुदा, रामसिंह जामुदा, रमाया जामुदा, गोविंद सावैंया, रामलाल गोप, बुढ़न सिंह जामुदा, मिठाई जामुदा, काटेराम गोप, रोहित जामुदा, लखन गोप, मंगल सिंह जामुदा, मदन गोप, साधुचरण जामुदा, डेमो जामुदा, रंजीत बारला, हाड़ी बारला, शंकर जामुदा, मौतीय जामुदा, जानकी सावैंया, गंगी जामुदा आदि उपस्थित थे।
