खरसावां के टांकोडीह से झूंझकी तक सड़क सुदृढ़िकरण कार्य में अनियमितता बरतने का आरोप, ग्रामीणों सड़क निर्माण कार्य को बंद कराया, उच्च स्तरीय जांच की मांग
Kharsawan
खरसावां के टांकोडीह तथा आस पास के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत टांकोडीह से झूंझकी तक सड़क सुदृढ़िकरण कार्य (6.70 किमी) में अनियमितता बरतने तथा नियमों को ताक पर रख करा कार्य करने का आरोप लगाया है। गुरुवार की सुबह टांकोडीह व आस पास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में जांच की मांग करते हुए निर्माण कार्य रोक दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर बिछाये जा रहे पिच को पैर से मसलने पर ही उखड़ जा रहा है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता की भारी कमी है। डस्ट के उपर सीधे अलकतरा व गिट्टी का मिक्सर (पिच) डाल लिया जा रहा है। केमिकल तक ठीक ढंग से नहीं डाला जा रहा है। अलकतरा व गिट्टी का मिश्रण भी सही नहीं है। विभागीय अभियंताओं को इसकी शिकायत के बावजूद भी कार्य में सुधार नहीं हुआ। ग्रामीण ने आरोप लगाया गया कि विभाग के अभियंताओं की मिली भगत में ही निर्माण कार्य में अनियमितता बरती जा रही है।

— सरकारी मानकों को ताक पर रख कर हो रहा है कार्य
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टांकोडीह से झूंझकी तक सड़क सुदृढ़िकरण कार्य में सरकारी मानकों को ताक पर रख कर कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संवेदक को सड़क निर्माण कार्य के गुणवत्ता पर ध्यान देने का आग्रह किया गया। पर संवेदक बात सुनने तक को तैयार नहीं है। निर्माण स्थल पर सिर्फ शिलान्यास का बोर्ड लगाया गया है। जबकि निर्माण कार्य से संबंधित डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। इससे लोगों को योजना के प्राक्कलन से लेकर अन्य कार्यों की जानकारी नहीं मिल पा रही है।विभागीय अभियंताओं को इसकी शिकायत की गयी। इसके बावजूद भी कार्य में सुधार नहीं हुआ।

— संवेदक व विभागीय अभियंताओं की मिली भगत से ही समय पर पूरा नहीं हुआ निर्माण कार्य
ग्रामीणों ने बताया कि खरसावां के टांकोडीह से झूंझकी तक सड़क सुदृढ़िकरण कार्य का शिलान्यास करीब 22 माह पूर्व 24 फरवरी 2024 को हुआ था। संवेदक के साथ साथ विभागीय अभियंताओं की लापरवाही व मिली भगत के कारण सड़क का निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो पाया। मुखिया सिदेश्वर जोंको, उप मुखिया वेद प्रकाश सिंहदेव आदि भी निर्माण स्थल पर पहुंच कर स्थिति की जानकारी ली. ग्राम प्रधान धनेश्वर राउतिया, दुखराज महतो, लखिराम टुडू, राजू टुडू, ईश्वर सोरेन, दुर्योधन प्रमाणिक, ईश्वर हेंब्रम, प्रसाद हेंब्रम, निर्मला माझी, सोमवारी टुडू, सुखी टुडू, लोदरा हांसदा, संजय प्रमाणिक, प्रदीप हांसदा आदि ग्रामीणों ने जिले के उपायुक्त से सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
