चैनपुर डायट में समग्र सतत पेशेवर विकास के
तहत शिक्षक हुए प्रशिक्षित, यह प्रशिक्षण उनके पेशेवर जीवन
के पड़ाव में एक मील का पत्थर साबित होगा,
Kharsawan
चैनपुर डायट में 9 वीं से 12वीं के शिक्षकों का समग्र सतत पेशेवर विकास के तहत आवश्यकता आधारित समूह-5 (कोहोर्ट-5) के प्रथम बैच का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। इसमें पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावांँ तथा खूंटी जिले के 70 प्रशिक्षणार्थी आवश्यकता अनुरूप कौशलों से लैस हुए।

विदित हो कि गत 12 अक्टूबर 2025 से राज्य के 11 स्थानों में यह प्रशिक्षण चल रहा है। 26 घंटे के इस ऑफलाइन प्रशिक्षण के प्रथम दिन के सत्र में सेंटा का परिचय, अनुशासनहीनता रोकने के प्रीवेंटिव और रिएक्टिव तरीके, समूह गतिविधि के तहत कक्षा प्रबंधन हेतु रोल प्ले, प्रभावी संप्रेषण हेतु बॉडी लैंग्वेज, आई कॉन्टेक्ट, वॉइस प्रोजेक्शन, टोन वेरिएशन, क्लेरिटी तथा माइक्रो टीचिंग व ए आई समर्थ की जानकारी दी गई। दूसरे दिन के मॉड्यूल के तहत समानता (एनालॉजी), दृश्य माध्यमों (विजुअल्स) के द्वारा शिक्षण, सरल वीडियो के माध्यम से शिक्षण प्रदर्शन, समूह गतिविधि के तहत वीडियो का विश्लेषण, लेसन प्लानिंग टूल के तहत हुक,कॉन्सेप्ट, प्रेक्टिस प्रश्न व क्विक चेक फॉर अंडरस्टैंडिंग (सीएफयू), मिनी टीचिंग व पीयर रिव्यू की व्यावहारिक जानकारी दी गई। तीसरे दिन के मॉड्यूल में कथा वाचन के माध्यम से अपने विषयों को प्रभावी तरीके से पढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रश्नों की शक्ति के तहत शिक्षकों को उच्च स्तरीय चिंतन क्षमता वाले प्रश्न (होर्स्टस) ओपन एंडेड,प्रोबिंग व स्कैफोल्डिंग प्रश्नों से अवगत कराया गया। युगानुरूप आदर्श पाठ योजना पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। सत्रों में सक्रियता बनाए रखने तथा एकरसता भंग करने के लिए गीत-संगीत का दौर भी चलता रहा। तीनों जिले के शिक्षकों ने अपने सुझाव (फीडबैक) में कहा कि यह प्रशिक्षण उनके पेशेवर जीवन के पड़ाव में एक मील का पत्थर साबित होगा। प्रशिक्षण के अंत में शिक्षकों ने जे-गुरुजी एप पर ऑनलाइन परीक्षा देकर अपना प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में मास्टर ट्रैनर मिहिर कुमार झा, विश्वजीत कुमार सतपथी, विकास कुमार तथा सपन कुमार महतो की अग्रणी भूमिका रही।
