कुचाई में वनाश्रित महिलाओं को वनोपजो से
लाभान्वित बिषय पर कार्यशाला, साल बीजा का संग्रहण
कर बाजारों में खरीद-बिक्री करने की दी जानकारी,
kuchai
कुचाई के महिला संगठन कार्यालय में जेएसएलपीएस के महिला समूह के अध्यक्ष व सचिवों का सामुदायिक वन पालन संस्थान के द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला किया गया। कार्यशाला में वनाश्रित महिलाओ को वनोपजों के प्रसंस्करण तथा विपणन कैसे किया जाये ताकि ईन्हें वनोपजों का वास्तविक दाम मिलने पर जानकारी दी गई। इस दौरान प्रशिक्षक की भुमिका निभाते हुए सूरजमनी भगत ने बताई कि सबसे पहले बाजार ठीक करना होगा। चिरौजी के लिये बाजार का व्यवस्था हो गया है । वास्तविक बाजार से लिंक न रहने के कारण आज बिचौलियों लुटा रहे है।

हर्रा, बहेरा तथा साल बीजा का भी बाजार ठीक कर लिया गया है। बर्ष 2026 को हर्रा, बहेरा, चिरौंजी तथा साल बीजा का संग्रहण कर उपयुक्त बाजारों में सामुहिक रुप से खरीद-बिक्री करने का जानकारी दिया गया। जबकि चिरौंजी का बाजार 2025 से शुरुवात किया जा चुका है तथा 10 लाख से भी अधिक रुपये अधिक करोबार किया गया। वही सोहन लाल कुम्हार ने कहा कि जैबिक खेती पर अधिक बल दिया जाये। ताकि धरती माता, जलवायुतंत्र, जैवविविदताएँ तथा मानव जीवन स्वस्थ्य और स्वच्छ वतावरण वना रहे। भरत सिंह मुंडा ने कहा कि हमें टीकावपूर्ण रुप से संगठन तथा समितियां स्थापित करना होगा। ताकि आमद नियमित होता रहे। धर्मेश भगत ने जानकारी दिया कि जलवायु परिवर्तन बहुत तेजी के साथ हो रहा है। अतः जंगल बिनाश होने से बचाना है तथा हर व्यक्ति को वृक्षारोपण करना है। इस कार्यशाला में अंजलि प्रधान, कदरमनी महतो, कुन्ती मुण्डा, रेश्मा महतो, यशवन्ती उरांव, अनिता सोय, जोगा हेम्ब्रम, लालमुनी मुण्डा, जाम्बी सोय, पानी हेम्ब्रम, सीता बान्डरा, सुमी सोय आदि महिलाए उपस्थित थे।
