सरायकेला मे पंचायत के वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू,
Seraikella
झारखंड सरकार एवं पंचायती राज विभाग झारखंड के निर्देशानुसार पंचायत के वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन हो रहा है दिनांक 30 एवं 31 अक्टूबर 2025 को जिला पंचायती राज संसाधन के केंद्र सभागार सरायकेला में किया जा रहा है इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायत को स्वयं के राजस्व स्रोत(OWN Source Revenue) OSR की जानकारी प्रदान करना एवं ग्राम स्तर पर राजस्व सृजन के माध्यम से वित्तीय आत्मनिर्भरता विकसित करना है. इस प्रशिक्षण में सरायकेला-खरसावां जिले के 20 चयनित ग्राम पंचायत के मुखिया एवं पंचायत सचिवों को शामिल किया जा रहा है. प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री सुरेंद्र उरांव जी एवं जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा तथा मुखिया गण के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन एवं उद्घाटन संबोधन के साथ किया गया.अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पंचायत को राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ-साथ अपने स्वयं के संसाधनों के माध्यम से विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यदि पंचायत अपने स्तर पर कर एवं गैर कर स्रोतों से राजस्व सृजन करती है तो यह स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य स्तरीय प्रशिक्षक श्री रंजीत कुमार आचार्य एवं रिसोर्स परसन प्रमोद वर्मा ने प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकी व्यावहारिक एवं प्रबंधन संबंधी विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं. प्रशिक्षण के दौरान निम्नलिखित विषयों पर विशेष रूप से चर्चा एवं अभ्यास कराया जा रहा है.
1.ग्राम पंचायतों द्वारा स्वयं के राजस्व स्रोत(OSR) की पहचान एवं उनकी श्रेणियां (कर एवं गैर कर स्त्रोत )
2.OSR संवर्धन लिए रणनीतियां एवं पंचायत के लिए उपयुक्त कार्य योजनाएं तैयार करने के तरीके
3. व्यवहार विज्ञान सिद्धांतों का उपयोग करते हुए पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में कर भुगतान की सकारात्मक मानसिकता विकसित करने की रणनीति
4.ग्राम विकास योजनाओं के (OSR) के उपयोग की प्रक्रिया एवं पारदर्शिता संचित करने के उपाय
5.नवीन परियोजना की पोषण विकल्प जैसे सार्वजनिक निजी साझेदारी(PPP)CSR फंड एवं स्थानीय निवेश के अवसर.
6.सतत संसाधन सृजन के लिए राजस्व पूर्वानुमान, योजना निर्माण एवं उसके कार्य कार्यान्वयन की रूपरेखा।
7.SWOT विश्लेषण(strengths),weakness, oppertunity Threads)के माध्यम से पंचायत की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन.
8.ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) निर्माण में परियोजना प्रबंधन कौशल की महत्ता एवं व्यवहारिक उपयोग/
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को समूह कार्य चर्चा सत्र एवं केस स्टडी के माध्यम से विषयों को गहराई से समझ विकसित करने का अवसर मिला.
प्रशिक्षक महोदय रंजीत आचार्य ने पंचायत की वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित उदाहरण के माध्यम से यह बताया कि किस प्रकार से ग्राम स्तर पर कर संग्रहण संपत्ति कर बाजार शुल्क ,जल संपति, उपयोग, शुल्क आदि स्रोतों से सतत राजस्व सृजन किया जा सकता है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती तनुश्री पांडा द्वारा कुशलता पूर्वक किया गया.उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभागीय नीतियों ऑनलाइन उपकरणों एवं डाटा आधारित योजना निर्माण की जानकारी दी.
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण के कार्यक्रम में ग्राम पंचायत को न केवल स्वयं के राजस्व सृजन की तकनीक से अवगत कराया जा रहा है बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस रूप से प्रेरित भी किया जा रहा है प्रशिक्षण को सफल बनाने में JITM SKILL Private Limited संस्था के श्री अमलेश सिंह, श्री राहुल कुमार राहुल जी का योगदान विशेष रूप से हुआ.
