खरसावां के पड़ियाबादी टोला के ग्रामीण सड़क
सहित मूलभूत समस्याओं से जूझने को मजबूर, परेशान ग्रामीणों
ने श्रमदान कर सड़क निर्माण का किया शुभआरंभ
kharsawan
भारत गणराज्य सरकार आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है। वहीं सरायकेला खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड अन्तर्गत बड़गांव के पड़ियाबादी टोला के ग्रामीण सड़क सहित कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे है। उसमें से सबसे बड़ी समस्या सड़क की है। इस गाँव की सड़क नजदीकी गाँव गुराडीह से होकर गुजरने वाली मुख्य सड़क को जोड़ती है, जो आधा-अधूरा पड़ा है। जिसकी स्थिति भी काफी खराब है। जिससें परेशान ग्रामीणों ने श्रमदान से सड़क का निर्माण कार्य का शुभआरंभ किया । बता दें कि इस जर्जर व अधूरा सड़क की दूरी लगभग ढाई किलोमीटर है। उसमें से डेड किलोमीटर तक की सड़क का निर्माण वर्षों पूर्व कराया गया था। ,जिसका पत्थर बाहर निकल चुके है,। जिसपर ग्रामीणों को आना जाना करना काफी दिक्कत होती है। शेष एक किलोमीटर तक की सड़क विवादित होने के कारण सड़क निर्माण कार्य रुक गया था।बरसात के दिनों में विवादित सड़क के शेष भाग कीचड़मय रहता है। जहाँ ग्रामीण फिसल कर गिरते पड़ते आना जाना करते है।

ग्रामीणों ने सड़क निर्माण हेतु लगाए गुहार, नहीं हुआ समाधान
इस समस्या के समाधान के लिए यहाँ के ग्रामीणों ने झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री ,सांसद, विधायक जिलाध्यक्ष, जिला प्रशासन आदि से गुहार लगाकर थक चुके है, जिसका अबतक समाधान नहीं हो पाया है। जिससें मजबुर होकर ग्रामीणों ने एक जुट होकर अधूरे सड़क को श्रमदान से पूरा करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने विवादित अधूरे सड़क को छोड़ दिया और इस अधूरे सड़क का दिशा बदल दिया। इसके साथ साथ ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ भी किया गया। कार्य का शुभआरंभ गुराडीह के ग्रामप्रधान अश्वनी सिंहदेव ने किया और उन्होंने सड़क निर्माण कार्य में हर संभव सहयोग करने की बात कही।
सड़क के अभाव में पड़ियाबादी के लोग पलायन को मजबूर
स्थानीय ग्रामीण ललित कुमार प्रधान एवं नंदी प्रधान ने बताया कि 60 परिवारों का बड़गांव टोला पड़ियाबादी की जनसंख्या लगभग 300 है। इसमें से 50 परिवार के लोग सड़क समस्या से ही गाँव से अन्यत्र पलायन को मजबूर है। शेष 10 परिवार के लोग मजबूरी में जीवन जापान कर रहे है उसमें से अधिक्तर वृद्ध लोग शामिल है।
श्रमदान में शामिल ग्रामीण
सड़क निर्माण कार्य पर श्रमदान में अश्वनी सिंहदेव,ललित कुमार प्रधान, नंदी प्रधान, लबिंद्र प्रधान, सपन प्रधान,जोगेन्द्र प्रधान, पवन प्रधान, हरि प्रधान, युधिष्ठिर प्रधान, भीम प्रधान, हीरालाल प्रधान,सत्यवान प्रधान,शिव प्रधान, कालीपद प्रधान, विशेश्व प्रधान, सुभाष प्रधान, अशोक प्रधान, भीम प्रधान, गौर प्रधान समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।
