जिला उपायुक्त ने किया खरसावां खादी पार्क, अग्र
परियोजना केन्द्र और सामान्य सुलभ केन्द्र का किया निरीक्षण, तसर
सिल्क ग्रामीण इलाकों के आमदनी का स्त्रोत-नितिश सिंह,
kharsawan
सरायकेला खरसावां जिला उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने शनिवार को खरसावां अग्र परियोजना केन्द्र, आमदा खादी पार्क और कुदासिंगी सामान्य सुलभ केन्द्र का निरीक्षण किया। श्री सिंह ने खरसावां अग्र परियोजना केन्द्र के विजागार भवन, रूरल मार्ट, किटपालन, धागाकरण केन्द्र, ऑरग्रेनिक कोकुन बैंक, माइक्रोस्कॉप से डीएफएल जांच कार्य, कोकून उत्पादन, कुदासिंगी सामान्य सुलभ केन्द्र और आमदा खादी पार्क के सुत-कटाई केन्द्र, वस्त्र खरीद बिक्री केन्द्र, गांधी म्यूजियम आदि का निरीक्षण कर कई दिशा निर्देश दिया। वही खरसावां अग्र परियोजना केन्द्र में कार्यरत पदाधिकारी व कर्मचारियों से तसर सिल्क के विकास पर विचार विमर्श किया। साथ ही किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याए सुनी। साथ ही तसर उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया। मौके पर श्री सिंह ने कहा कि तसर सिल्क ग्रामीण इलाकों के आमदनी का स्त्रोत है। सिल्क उत्पादन में झारखंड देश का सबसे बडा उत्पादन राज्य है। जिले में तसर रेशम को स्थानीय पहचान के रूप में उभारने की पूरी क्षमता है। यदि इसमें लगे महिला समूहों को सही दिशा, संसाधन और बाज़ार मिले, तो यह उद्योग क्षेत्र के आर्थिक उत्थान का आधार बन सकता है। उन्होने कहा कि कुचाई सिल्क की गुणवत्ता अन्य राज्यों से बेहतर है। सरकार तसर उत्पादन के साथ-साथ तसर सिल्क को बढावा देने के लिए प्रयासरथ है। इस दौरान मुख्य रूप से प्रखंड बिकास पदाधिकारी प्रधान माझी, अंल अधिकारी कप्तान सिंकू, अग्र परियोजना केन्द्र के पदाधिकारी नीतीश कुमार, एडीआई रविशंकर प्रसाद आदि उपस्थित थे।

सुत-कटाई के महिलाओं से उपायुक्त हुए रू-ब-रू,
जिले के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने खरसावां प्रखंड स्थित खादी पार्क, सामान्य सुलभ केन्द्र एवं अग्र परियोजना केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तसर सूत की कटाई में संलग्न महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव, समस्याएं और जरूरतें जानीं। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त सीधे सुत-कटाई रही महिलाओं के बीच पहुंचे और उनसे उनके कार्य की बारीकियों को समझा। उन्होंने महिलाओं से उनके काम के समय, मजदूरी, प्रशिक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

महिलाओं की मेहनत को सराहा
उपायुक्त ने महिलाओं द्वारा पारंपरिक तरीकों से की जा रही सूत कटाई की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी की मेहनत इस क्षेत्र की पहचान है। तसर उद्योग को मजबूती देने में आप जैसी महिलाओं की भूमिका सबसे अहम है। महिलाओं ने उपायुक्त से बातचीत में कहा कि उन्हें कभी-कभी कच्चा माल समय पर नहीं मिल पाता, साथ ही तैयार धागे के लिए बाज़ार की कमी और उचित मूल्य न मिलने की समस्या रहती है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया।
