सरायकेला श्री बजरंगबली मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा एवं देवसभा महोत्सव 2025 का समापन मे रहा अत्यंत श्रद्धा और उत्साह का माहौल,
Seraikella
सरायकेला श्री बजरंगबली मंदिर परिसर में आयोजित भव्य प्राण-प्रतिष्ठा एवं देवसभा महोत्सव 2025 का समापन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के माहौल में हुआ। अंतिम दिन भक्तों और भगवान का प्रतीकात्मक मिलन भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के मिलन प्रसंग के साथ यह धार्मिक उत्सव संपन्न हुआ। सरायकेला, खरसावां, जमशेदपुर सहित आसपास के गांवों से भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में नारायण नाम-संकीर्तन और सामूहिक आरती की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आराधना कर अपने ईश्वर के प्रति अगाध आस्था प्रकट की।संध्याकालीन मुख्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के श्रीधाम गोवर्धन से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य बनवारी लाल शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा का अमृत पान कराते हुए सुदामा चरित्र का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सुदामा भले ही निर्धन थे, परंतु अपने धर्म, मर्यादा और कर्तव्य के प्रति समर्पित रहे, और अंतिम क्षण तक भी उन्होंने अपने मित्र भगवान श्रीकृष्ण से अपनी व्यथा नहीं कही। आचार्य शास्त्री ने उपस्थित भक्तों को भक्ति, सत्यनिष्ठा और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु सुमधुर हरिनाम संकीर्तन में लीन होकर भाव-विभोर हो उठे।कार्यक्रम प्रारंभ होने से पूर्व आयोजन समिति के प्रमुख शंभू मंडल ने श्रीकृष्ण की आरती उतारी और शास्त्री जी का माल्यार्पण कर स्वागत किया। मंदिर प्रांगण में प्रकाशित दीपों और मधुर भजनों ने पूरे वातावरण को मनोहारी बना दिया। महिला मंडल, युवा समूह और बच्चों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिससे पूरा आयोजन सामुदायिक एकता का सुंदर उदाहरण बन गया। 10 दिनों तक पूरा गांव एक परिवार जैसा लग रहा था और सभी लोग भक्ति के रस में डूब चुके थे आयोजक शंभू मंडल ने पूरे गांव वासियों को धन्यवाद दिया उन्होंने कहा कि इस तरह एकता बनी रही।मंदिर प्रतिष्ठा को लेकर पूर्व में हुई बैठक में संचालन समिति का गठन किया गया था।जिसमें प्रमुख रूप से लाल मोहन महतो, साधन महतो, भरत चन्द्र महतो, रमेश महतो, नरसिंह महतो, निरंजन मंडल, प्रकाश चन्द्र महतो, हरिप्रसाद लोहार, गणशा लोहार, मनसा राम महतो, विश्वनाथ कैवर्त, आनंद कैवर्त, भागरथी मंडल, सुशील मंडल, मोती लाल नायक, संजय हांसदा, लालू सोरेन, निमाई तंतुवाई, सुरेश महतो, दिवाकर महतो, परेश महतो, कार्तिक महतो, गदाधर महतो, काली चरण किस्कु, नाग प्रसाद लोहार, केशव सिंह, राजु, सुरज मंडल, शर्मा, अजय महतो, सहदेव नायक, गणपति महतो, मकरदम महतो, सुखलाल नायक और अजित तंतुवाई सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे.
