खरसावां के पदमपुर निवासी सुमित सिंह 6 दिनों से लापता, पुलिस और आम लोगों से सहयोग की अपील,
Kharsawan
खरसावां थाना अंतर्गत पदमपुर गांव के 33 वर्षीय निवासी सुमित सिंह, पिता-शंभू सिंह पिछले 6 दिनों से लापता है। परिजनों ने काफी खोजबीन की इसके बावजूद सुमित का कहीं पता नहीं चला। जिससे थक हार कर परिजनों ने खरसावां थाना में सूचना दी। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार खरसावां के पदमपुर गांव के निवासी सुमित सिंह विगत 28 अगस्त 2025 की शाम 4 बजे अपने घर से निकला था। लेकिन देर शाम तक वापस घर नही लौटा। इसके बाद परिजनों ने परेशान होकर इधर-उधर संपर्क किया। साथ ही सुमित सिंह की काफी खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने खरसावा थाना की इसकी सूचना दी है और आम लोगों से सहयोग की अपील की है। सुमित सिंह के अचानक लापता होने से परिजनों में गहरी चिंता है। पदमपुर गांव के लोग भी उसकी खोजबीन में जुटे हुए हैं। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। खरसावां पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने अपील की है कि यदि किसी को सुमित सिंह के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो मोबाइल नंबर 9934177684 पर तुरंत संपर्क करे।
March 11, 2026 4: 17 am
Breaking
- सरायकेला में प्रखंड स्तरीय आयुष चिकित्सा शिविर का आयोजन, सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ,
- सरायकेला में नुक्कड़ नाटक कर जन-जन को आयुष अपनाने हेतु किया प्रेरित, क्रॉनिक बीमारियों को जड़ से मिटाने की जो शक्ति आयुर्वेद में है वह किसी अन्य चिकित्सा पद्धति में नहीं- डॉ पूनम कुमारी
- खरसावां में मां बसंती पूजा की तैयारी को लेकर बैठक, 23 मार्च से शुरू होगा चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान, विजया दशमी पर ब्राह्मण बच्चों के लिए होगा सामूहिक व्रत उपनयन संस्कार,
- झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) बोर्ड की नवीं कक्षा के हिंदी प्रश्न पत्र के लगभग 33 प्रतिशत प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस
- खूंटपानी में कोल्हान रक्षा संघ का महासम्मेलन, हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग, हक और अधिकारों की रक्षा के लिए सजगता जरूरी-डिंबार जोको,
- महिला दिवस पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने विधायक सविता महतो से की शिष्टाचार मुलाकात
- खरसावां के आन्नदडीहु, जोजोडीह, दलाईकेला व कस्तृरबॉ में नुक्कड नाटक के तहत आयुष पद्धति अपनाने के लिए दिलाई शपथ, बताया आयुष पद्धति न केवल रोगों के उपचार में है सहायक,
- कुचाई के जिलिंगदा में सरहुल पर्व की तैयारी को लेकर बैठक, 21 मार्च को मनाया जायेगा सरहुल, सरहुल केवल एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति, संस्कृति और समाज के आपसी संबंधों का प्रतीक है
