खरसावां के कुंडियासाई में साइलेंट डायरिया का प्रकोप,
बच्चे सहित महिला की मौत, दस अस्पताल में भर्ती, 24 हॉर्स करे
डयूटी, लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई-उपायुक्त
kharsawan
खरसावां प्रखंड के अंतर्गत कुंडियासाई गांव में साइलेंट डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है। साइलेंट डायरिया का प्रकोप से एक बच्चे अमर सिंह सिजुई (10) और एक महिला माकी हेम्ब्रम (67) की मौत हो गयी। जबकि दस ग्रामीण साइलेंट डायरिया से पीड़ित हैं। इनमें सुमिता हेम्ब्रम (47) मेची पाडिंया (50), सुनिता हेम्ब्रम (24) तथा समीर हेम्ब्रम का इलाज एमजीएम जमशेदपुर में चल रहा है। जबकि सरायकेला सदर अस्पताल में मांगु सिजुई (52), माधुरी सिजुई (50), महाकाल सिजुई (16), बिराज हेम्ब्रम (8), सुथरी हेम्ब्रम (14) तथा मुनी बाकिरा (25) का इलाज चल रहा है। ग्रामीणो के अनुसार खरसावां के रिडिंग गांव के कुंडियासाई गांव में मंगलवार की देर शाम साइलेंट डायरिया से अमर सिंह सिजुई (10) की मौत हो गयी। जबकि गुरूवार सुबह माकी हेम्ब्रम (67) की मौत हो गयी। बच्चे मृतक के पिता लालसिंह सिजुई के अनुसार, सोमवार की रात अचानक कुंडियासाई के पांच-छह लोगों को उल्टी-दस्त होने लगी। मंगलवार को अमर को भी लगातार उल्टी-दस्त होने के बाद कुचाई के सरकारी अस्पताल लाया गया। यहां उसका प्राथमिक इलाज कर सदर अस्पताल सरायकेला रेफर करने के क्रम में अमर ने दम तोड़ दिया। खरसावां में साइलेंट डायरिया का प्रकोप फैलने की सूचना पाकर गुरूवार को सरायकेला खरसावां जिला उपायुक्त नितिश कुमार सिंह को खरसावां के कुंडियासाई गांव पहुचे और स्थिति का जायजा लिया। उपायुक्त ने ग्राम में संचालित हर घर नल जल योजना, शौचालय निर्माण, जल मीनार एवं अन्य पेयजल स्रोतों (कुआँ) का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने, दोषपूर्ण कार्यों को शीघ्र सुधारने एवं योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रभावित गांव के प्रत्येक घर के सभी सदस्यों की स्वास्थ्य जांच की जाए तथा आवश्यक औषधि, ओआरएस पाउडर एवं अन्य चिकित्सीय सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने 24×7 चिकित्सा दल एवं एम्बुलेंस की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

जलमीनार के संवेदक पर होगा एफआइआर
ग्रामीणों ने अवगत कराया कि टोला के समीप निर्मित जलमीनार आठ माहिना से खराब है तथा महतो रीडिंग विद्यालय से कुड़ियासाई टोला तक की जर्जर सड़क के कारण वाहनों एवं एम्बुलेंस का आवागमन बाधित हो रहा है। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जलमीनार को शीघ्र दुरुस्त किया जाए। दोषी संवेदक पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। टोला के सभी घरों में शौचालय निर्माण कार्य यथाशीघ्र पूर्ण किया जाए तथा हर घर नल जल योजना के अंतर्गत प्रत्येक घर में जलापूर्ति सुचारु की जाए। साथ ही, प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवश्यक कार्यवाही कर उक्त सड़क के पीसीसी निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने एवं इसकी सूचना जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

जल की जांच तक पानी के उपयोग पर रोक
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु उपायुक्त ने जल के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में परीक्षण कराने तथा असुरक्षित स्रोतों के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही, जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपयोग, स्वच्छता एवं व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी देने पर बल दिया।

दूषित पानी पीने से फैला डायरिया
दूषित पानी पीने से फैला डायरिया कुंडियासाई में दूषित पानी पीने से डायरिया फैलने की बात सामने आ रही है। गांव के लोग दो पुराने कुएं से पानी निकाल कर पीते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों कुएं से पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है।

दो साल से घरों तक नहीं पहुंच रहा नल से जल
कुंडियासाई गांव मे करीब 150 की आबादी वाले इस गांव में एक भी चापाकल नहीं है। कुंडियासाई में हर घर नल-जल योजना के तहत एक सोलर संचालित जलापूर्ति योजना स्थापित की गयी है। लेकिन, यह दो साल से खराब पड़ी है।
ये थै मौजूद
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, बीडीओ प्रधान मांझी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, डीआरसीएचसी डॉ ओपी कैशरी, डॉ विरांगणा सिंकू, डॉ भुपेश महतो, चद्रका रवानी, मुखिया नागेश्वरी हेम्ब्रम आदि मौजूद थे।
