सरायकेला के मुरूप में “श्रमिक चौपाल” कार्यक्रम के तहत महिला सशक्तिकरण पर संगोष्ठी, महिला सशक्तिकरण के बल पर देश बढ़ेगा आगे-आर के गोप
Seraikella
सरायकेला ::राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड(श्रम एवं रोजगार मंत्रालय,भारत सरकार) क्षेत्रीय निदेशालय जमशेदपुर के तत्वाधान में सरायकेला प्रखण्ड अन्तर्गत मुरूप में स्थित अर्जुन पुस्तकालय में मंगलवार को एक “श्रमिक चौपाल” कार्यक्रम के तहत महिला सशक्तिकरण पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विधिवत उद्घाटन राज किशोर गोप प्रभारी क्षेत्रीय निदेशक ने किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में महिलाओं के सामाजिक,आर्थिक एवं राजनीतिक विकास हेतु बेटियों को शिक्षित करना समय की आवश्यकता है।इसलिए सरकार “बेटी बचाओ तथा बेटी बढ़ाओ” पर विशेष बल दे रही है।देश को आगे बढ़ाने में महिला श्रम शक्ति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाकर ही भारत को एक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में खड़ा किया जा सकता है।महिला श्रमिकों के मध्य सामाजिक चेतना का संचार हेतु इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि लोग केन्द्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अपना पंजीयन करा सकें। अभी केन्द्र सरकार हेल्थ डाटा बैंक का निर्माण कर रही है जिसके तहत आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट (आभा कार्ड) के तहत पंजीकरण किया जा रहा है ताकि प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी आसानी से पता लगाया जा सके। अब तक देश में 79 करोड़ से अधिक लोगों का पंजीकरण किया जा चुका है जो हेल्थ डाटा बैंक से जुड़ चुके हैं। आगे श्री गोप ने कहा कि श्रमिकों को केन्द्रीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ई श्रम कार्ड बनवाना भी जरूरी है। अब तक मंत्रालय द्वारा 30 करोड़ से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। आगे उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के मध्य जागरूकता की कमी के कारण वे सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं तथा वे शोषण के शिकार होते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक पहल है। इस कार्यक्रम में श्रमिकों को केन्द्रीय योजनाओं से संबंधित बुकलेट भी प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में 60 महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बोर्ड के वरिष्ठ कार्यक्रम समन्वयक हेमसागर प्रधान तथा विकास प्रामाणिक , तारा महतो, चंद्रावती प्रधान का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
