खूंटपानी में विश्व आदिवासी दिवस पर जरूरतमंद में साड़ी
एवं तोलिया का किया वितरण, मौन रखकर शिबू सोरेन को दी श्रद्वाजंलि,
आदिवासी भारत के मूलनिवासी हैं और हमेशा रहेंगे-गागराई
khutpani
खूंटपानी प्रखंड के लोहरदा पंचायत भवन में वृहद झारखण्ड मोर्चा के द्वारा विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। कार्यकम की शुरुआत सबसे पहले दिशुम गुरु शिबू सोरेन की आत्मा की शांति के लिए एक मिनट का मौन रखा गया। साथ ही शोक व्यक्त किया गया। इसके अलावे जरूरतमंद लोगों के बीच साड़ी एवं तौल का वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन पार्टी के संगठन सचिव चूड़ी पुरती ने किया।
मौके पर वृहद झारखण्ड मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव भरत सिंह गागराई ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस न सिर्फ एक उत्सव है, बल्कि एक ऐसा दिन है जो आदिवासियों को समाज की मुख्यधारा में लाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और उनकी अनूठी पहचान को बनाए रखने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी भारत के मूलनिवासी हैं और हमेशा रहेंगे। हम आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति नहीं बल्कि आदिवासी समाज की अपना अलग पहचान प्रमाण पत्र की आवश्यकता है जो सदियों से हम आदिवासियों को अपना हक और अधिकार से वंचित रखा गया है। श्री गागराई ने कहा कि आज पूरी दुनिया में आदिवासियों की भाषा संस्कृति सभ्यता इतिहास भूगोल और शब्द खतरे में है इसे बचाने के लिए हम आदिवासियों को फिर एक बार एकजुट होने की जरूरत है। उन्होने कहा कि वृहद झारखण्ड मोर्चा आदिवासियों की जल जंगल जमीन बचाने के लिए चरणबद्ध तरीके आंदोलन करेंगे इसके लिए हम रणनीति बना रहे हैं हम बहुत जल्द आंदोलन की शुरुआत करेंगे। केन्द्रीय कोषाध्यक्ष अभय सिंह जामुदा ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज हम संकल्प ले रहे हैं कि आने वाले दिनों में हम अपने आदिवासी समाज के लोगों को राजनीतिक सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बनाएं और हमारे आदिवासी समाज के लोग भी सभी क्षेत्रों में अपना भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। केन्द्रीय सलाहकार समिति के सदस्य गुनाराम जामुदा ने कहा कि आज विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अपने आपको समझने और जानने की आवश्यकता है क्योंकि हमारे पूर्वजों ने कठिन संघर्ष करके हमारे आदिवासी समाज को पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई है। इस दौरान मुख्य रूप से भरत सिंह गागराई, चूड़ी पुरती, अभय सिंह जामुदा, गुमानाराम जामुदा, दुर्गा चरण पुरती, गोड़ों पुरती, सावन बारला, चंद्रमोहन पुरती, राजेश पुरती, चम्बरा जामुदा, मानकी गोप, गोपी जामुदा, कामेश्वर जामुदा, बुधन सिंह जामुदा, उदय बानरा, गंगा राम गोप, कृष्णा बारला, चाडी जामुदा, मनोज जामुदा, गुमदा जामुदा आदि लोग उपस्थित थे।
