माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 पर लगा विधिक जागरूकता शिविर,
Seraikella
सरायकेला, 17 नवम्बर 2025: माननीय NALSA एवं JHALSA के निर्देशन में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 पर एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां द्वारा काशी साहू महाविद्यालय, सरायकेला में किया गया।

कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव श्री तौसीफ मेराज ने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डाला तथा वरिष्ठ नागरिकों के वैधानिक अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण का कानूनी अधिकार प्राप्त है और उनकी उपेक्षा या अवज्ञा करने पर अधिनियम के अंतर्गत दंडात्मक प्रावधान लागू होते हैं। सचिव ने यह भी कहा कि DLSA, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क विधिक सहायता प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने महाविद्यालय के छात्रों से संवाद कर वृद्धजनों की देखभाल एवं सम्मान के महत्व पर चर्चा की तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य श्री कृष्ण प्यारे एवं संकाय सदस्यों ने भी वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा एवं उनके कल्याण की अनिवार्यता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि समाज में बुजुर्गों की भलाई सर्वोपरि है।
कार्यक्रम में परा-विधिक स्वयंसेवक श्री कुमुद रंजन, राजकुमार कैवर्त, सुषमा उराँव एवं अन्य PLVs उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया। जागरूकता अभियान के तहत DLSA द्वारा सूचना स्टॉल लगाए गए तथा विद्यार्थियों के बीच पुस्तिकाएँ एवं पैम्फलेट वितरित किए गए।
कार्यक्रम के उपरांत, DLSA के सचिव श्री तौसीफ मेराज, LADCS के अधिवक्ता श्री अम्बिका चरण पाणी एवं श्री विजय कुमार महतो, तथा PLVs ने वृद्धाश्रम का भी भ्रमण किया। उन्होंने वहाँ रह रहे वृद्धजनों की समस्याओं को सुना, उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल की तथा उनके साथ समय बिताते हुए उन्हें मानसिक एवं सामाजिक सहयोग प्रदान किया।
