सरायकेला में नुक्कड़ नाटक कर जन-जन को आयुष अपनाने
हेतु किया प्रेरित, क्रॉनिक बीमारियों को जड़ से मिटाने की जो शक्ति आयुर्वेद में है वह किसी अन्य चिकित्सा पद्धति में नहीं- डॉ पूनम कुमारी
Seraikella
स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के निर्देशानुसार जिला आयुष समिति के सौजन्य से राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत जिले के विभिन्न प्रखंडों में नुक्कड़ नाटक की कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इस अभियान के तहत आज सरायकेला प्रखंड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय के प्रांगण में आयोजित नुक्कड़ नाटक के मंचन के पश्चात उपस्थित दर्शकों को संबोधित करते हुए जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर पूनम कुमारी ने कहा कि क्रॉनिक बीमारियों को जड़ से मिटाने की जो शक्ति आयुर्वेद में है वह किसी अन्य चिकित्सा पद्धति में नहीं है। उन्होंने कहा कि तत्काल फायदे के लिए हम अंग्रेजी दवाओं का उपयोग तो कर सकते हैं परंतु सदा स्वस्थ रहने के लिए हमें आयुर्वेद, योगा, होम्योपैथिक और यूनानी चिकित्सा पद्धति को अपनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित शिक्षक एवं छात्राओं से कहा की विशेष कर युवाओं में राष्ट्र निर्माण की असीम शक्ति समाहित है। युवा राष्ट्र के कर्णधार हैं। वे इस संदेश को घर-घर पहुंचाकर जन-जन को आयुष अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने जिला आयुष समिति द्वारा विभिन्न प्रखंडों में चलाए जा रहे हैं स्वास्थ्य जांच अभियान शिविरों की जानकारी देते हुए इसका लाभ उठाने की अपील की।

इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य तुषार चंद्र पति और अनुजा पांडेय सहित कई शिक्षक एवं अन्य लोग उपस्थित थे। इस दौरान सरायकेला प्रखंड के बड़बिल, कीता एवं मुकुंदपुर आदि गांव में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों को जागरुक किया गया। इस कार्यक्रम के तहत आयुर्वेद, होम्योपैथिक, युनानी चिकित्सा पद्धति, प्राकृतिक चिकित्सा एवं सिद्ध के साथ साथ योग के महत्व के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई। नाटक के माध्यम से यह बताया गया कि किस तरह हम आधुनिकता की चपेट में आकर अपनी जिंदगी तबाह कर रहे हैं। प्रकृति में सारी बीमारियों का इलाज विद्यमान है उसके बावजूद हम रासायनिक दवाओं का उपयोग कर अन्य बीमारियों को जन्म दे रहे हैं। खान-पान, जीवन-शैली में परिवर्तन लाकर हमें कई रोगों से मुक्ति मिल सकती है। योग, व्यायाम एवं खानपान में शुद्धियों से हम सदा स्वस्थ रह सकते हैं।

इस कार्यक्रम के तहत जिला आयुष विभाग सरायकेला खरसावां द्वारा संचालित कार्यक्रम वयोमित्र योजना, करुणा योजना, आयुष ग्राम कैंप, औषधीय पौधा वितरण योजना गैर संचारी रोग एवं प्रकृति परीक्षण सहित अन्य कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी।

बता दें कि संपूर्ण सरायकेला-खरसावां जिला में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नाम से कुल 18 आयुष चिकित्सा केंद्र तथा 9 आयुष स्वास्थ्य उप केंद्र के साथ संयुक्त रूप से संचालित है। इन केंद्रों में निशुल्क दवा के साथ-साथ चिकित्सक भी उपलब्ध हैं। सुबह 9 बजे से 3 बजे तक संचालित होने वाले इन चिकित्सा केंद्रों का लाभ उठाने की अपील की गई।
