खरसावां के असुरा में भोले शंकर और मां मनसा
का पारंपरिक तरीके ने निकला घट, 108 महिलाओं कलश की
स्थापना कर की पूजा-अर्चना, सुख और समृद्वि की कामना
kharsawan
खरसावां प्रखंड के कोलबुरूडीह असुरा में भोले शंकर और मां मनसा का पारंपरिक तरीके से घट निकली गई। लगभग 108 महिलाओ ने खरसावां के असुरा स्थित संजय नदी से पुजारी शंकर होनहागा के नेतृत्व में विधि विधान के तहत पूजा अर्चना कर कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा ने पूरे गांव का भ्रमण किया। कलश यात्रा विभिन्न मागों से होते हुए कोलबुरूडीह असुरा पहुचकर कलश की स्थापना कर विधि विधान के तहत पूजा अर्चना कर सुख समृद्वि और खुशहाली की कामना की गई।

नदी से कघ लाकर मां मनसा और शिव की पूजा की गई। जिससे सर्पदंश और अन्य कीड़ों के प्रकोप से सुरक्षा मिलती है। यह भी माना जाता है कि वे शिव और पार्वती की सबसे छोटी पुत्री हैं और उनका प्रादुर्भाव मस्तक से हुआ है, इसीलिए उन्हें मनसा कहते हैं। यह अनुष्ठान मां मनसा को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है, जो लोगों को विभिन्न प्रकार की बीमारियों और खतरों से बचाने वाली देवी मानी जाती हैं। इस दौरान मुख्य रूप से पुजारी शंकर होनहागा, सुदर्शन नायक, दुखीराम नायक, निलोराम नायक सहित बुरूडीह, असूरा व कोलबुरूडीह के महिला श्रद्वालु उपस्थित थे।
