सरायकेला मे अनुसूचित क्षेत्र के ग्राम सभा के अधिकार एवं जिम्मेदारी जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न, अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने पर हुआ विचार- विमर्श
Sersikella
सरायकेला मे पंचायती राज विभाग के तत्वावधान में जिला पंचायत संसाधन केंद्र, सरायकेला में आयोजित अनुसूचित क्षेत्र के ग्राम सभा के अधिकार एवं जिम्मेदारी विषयक दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आज सफल समापन हुआ। इस कार्यशाला का उद्घाटन 28 जुलाई को उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा, उपाध्यक्ष श्रीमती मधु श्री और जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री सुरेन्द्र उरांव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।

कार्यशाला में विभाग की ओर से राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री अजय कुमार मिश्र और श्री रंजीत कुमार आचार्य ने लगभग 100 पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की भूमिका को स्पष्ट करना और प्रतिनिधियों को उनके संवैधानिक अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यशाला में पंचायत प्रतिनिधियों को ग्राम सभा के अधिकारों जैसे ग्राम विकास योजनाओं की स्वीकृति, सामाजिक अंकेक्षण, स्थानीय विवादों का निपटारा एवं पारंपरिक संसाधनों के संरक्षण आदि विषयों पर गहन जानकारी दी गई। प्रशिक्षण से पंचायत प्रतिनिधियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर निर्णय लेने और जनसहभागिता से विकास को बढ़ावा देने की प्रेरणा मिली।
समापन समारोह में जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री सुरेन्द्र उरांव ने अपने संबोधन में कहा, *“यह कार्यशाला तभी सार्थक होगी जब ग्राम सभाएं अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए विकास की धारा को आगे बढ़ाएंगी और अपने क्षेत्र के लोगों को शासन की मुख्यधारा से जोड़ेंगी।”*
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्रीमती तनुश्री पांडा ने समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षणदाताओं और कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग देने वाली संस्था **JITM Skills प्रा० लि०** को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता में वृद्धि हो सके।
यह कार्यशाला न केवल पंचायत प्रतिनिधियों के लिए एक प्रशिक्षण मंच रही, बल्कि यह एक ऐसा कदम भी सिद्ध हुई जो स्थानीय स्वशासन को मजबूती प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
