खरसावां के मोसोडीह में बाबा कार्तिक उरांव की मनाई
101वीं जयंती, उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्वाजंलि,
आदिवासियों के मसीहा थे कार्तिक उरांव-गोपी उरावं,
kharsawan
खरसावां प्रखंड के सरना चौक मोसोडीह में बाबा कार्तिक उरांव की 101वीं जयंती मनाई गई। सबसे पहले समाज के लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बारी बारी से श्रद्वाजंलि गई। साथ ही क्विज प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता के साथ साथ खेलकूद एवं संास्कृतिक कार्यक्रम का आयांजन किया गया। इस जंयती समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उरांव ने कहा कि डॉ कार्तिक उरांव आदिवासियों के मसीहा थे। डॉ उरांव ने आदिवासियों के आर्थिक, सामाजिक व शैक्षणिक विकास पर जोर दिया। पंखराज कार्तिक बाबा हमेशा से आदिवासी समाज को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए चिंतित रहते थे। वे हमारे आदर्श हैं और हमें अपना आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं।

जबकि कुचाई प्रखंड बिकास पदाधिकारी साधुचरण देवगम ने कहा कि बाबा कार्तिक ने आदिवासी समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई थी। जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा, आदिवासी संस्कृति के संरक्षण को प्राथमिकता में रखा। बाबा कार्तिक उरांव की जयंती पर बाबा कार्तिक उरांव पुस्तकालय के द्वारा क्विज एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें केएनटी कुचाई के विद्यार्थी एवं कक्षा 6 से लेकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन विद्यार्थियों को विभिन्न समूह के अनुसार पुरस्कृत किया गया। गुप-ए में जनरल कंपटीशन जगन्नाथ उरांव (शहरबेड़ा), शिवानी उरांव (मोसोडीह), सुषमा उरांव (बांधडीह), शिवनाथ सोय (कुचाई) तथा जितेन उरांव (तेतुलटांड), गुप-बी के क्लास 10 से 12 में रितिका उरांव (बांधडीह), गणेश महतो (बड़गांव) तथा शिल्पा उरांव (मोसोडीह), गुप-सी के क्लास 8 से 9 मे सीमा महतो (बीटापुर), राधिका महतो (बड़गांव) तथा प्रिया महतो (बीटापुर) तथा गुप-डी के क्लास 6 से 7 मे क्रिस्टी महतो (बड़गांव), मंजू तांती (बीटापुर) तथा सुष्मिता महतो (बड़गांव), भाषण प्रतियोगिता में बासंती हेंब्रम (सरायकेला) प्रथम स्थान तथा शिवानी उरांव (मोसोडीह) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जिससे पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उरांव, कुचाई बीडीओ साधुचरण देवगम, थाना प्रभावी गौरव कुमार, मुखिया इन्द्रजीत उरावं, संजय कच्छप, डॉ. एस. सी उरांव, रामचंद्र सोय, आनंद बोइपाइ, रीतेश टुडू, मंगला उरांव, डेविड उरांव, पवन महतो, राजीव महतो, लोकनाथ महतो, भागरथी उरावं, विरेन्द्र उराव, हरेन उरावं, धरनीसेन उराव, फनीलाल मुर्मू, जयराम उराव, विष्णु सरदार, भगवान दास, छेद कच्छप, कृष्णा कच्छप आदि उपस्थित थे।
