खरसावां मे शिक्षक दिवस पर कलाकारों ने किया गुरुओं का सम्मान, काटा केक, गुरु ही वह मार्गदर्शक है जो हमें आध्यात्मिक ज्ञान देता है-दिलदार
Kharsawan
खरसावां छऊ नृत्य कला केन्द्र मे शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। छोटे छोटे कलाकारो ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। कलाकारो ने अपने छऊ गुरू दिलदार अंसारी, बंसत गणतायत, सुदीप घोडाई, मो रमजान, पिनाकी रंजन, नित्या शंकर नंद, समीर नायक के साथ केक काटा और पुष्पगुच्छ व उपहार देकर उनका सम्मान किया।

मौके पर श्री दिलदार ने कहा कि भारतीय परंपराओं में ऐसा ही माना जाता है कि गुरु भगवान का ही एक रूप है, खासकर इसलिए क्योंकि गुरु अज्ञानता के अंधकार को दूर करके शिष्य को परमात्मा तक पहुँचने का मार्ग दिखाता है। गुरु ही वह मार्गदर्शक है जो हमें आध्यात्मिक ज्ञान देता है, और कबीरदास जी ने भी कहा है कि यदि भगवान और गुरु दोनों सामने हों, तो पहले गुरु के ही चरणों में प्रणाम करना चाहिए, क्योंकि गुरु ने ही भगवान तक पहुँचने का रास्ता बताया है।

गुरु-शिष्य के रिश्ते को सबसे पवित्र बंधन बताया। उन्होंने कहा कि छात्र ही भविष्य में राष्ट्र की नींव को मजबूत करेंगे। अन्य गुरूओं ने कहा कि गुरू जीवन मूल्यों के साथ प्रेरणा भी देते हैं। उनकी प्रेरणा से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण से लेकर विज्ञान तक हर क्षेत्र में योगदान करते हैं। समारोह में गुरु-शिष्य परंपरा की अनूठी झलक दिखी। जबकि कलाकारों ने कहा कि गुरू हमारे जीवन के मार्गदर्शक हैं। वे किताबी ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। इस दौरान कलाकार दयाल लेट, एंजेल केसरी, मुकेश घोडाई, टाइगर आदि छोटे छोटे कलाकार उपस्थित थे।
