खरसावां में प्रखंड स्तरीय रबी कर्मशाला का आयोजन,
किसानों को दी गई उन्नत तकनीकों की जानकारी, खेती में
आधुनिक तकनीकों का उपयोग बेहद आवश्यक- इंद्रकुंड
kharsawan
खरसावां प्रखण्ड के कृषि तकनीकी सूचना केन्द्र (एटिक सेन्टर) में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के द्वारा प्रखंड स्तरीय रवि कर्मशाला का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को रबि मौसम में लगाए जाने वाले फसलों की उन्नत तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। कृषि विभाग द्वारा आयोजित इस कर्मशाला में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों से आए किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कर्मशाला का शुभारंभ प्रखंड कृषि पदाधिकारी इंद्रकुंड मोदक, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी घनश्याम बोदरा, बीटीएम रतन टोप्पो आदि ने किया।

मौके पर श्री मोदक ने कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश जिनका आर्थिक रीढ़ कृषि पर आधारित है को बेहतर बनाने के लिए इस तरह के प्रशिक्षण की जरूरत है। ताकि किसान पुराने परंपरागत कृषि पद्धति से ऊपर उठकर आधुनिक तरीके से कृषि कार्य करें तथा पैदावार को बढ़ाकर देश की आर्थिक नींव को मजबूत कर सकें। उन्होंने कहा कि रबी मौसम में बेहतर उत्पादन के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग बेहद आवश्यक है। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने रबी फसलों, गेहूं, चना, मसूर, मटर और सरसों की उन्नत किस्मों, समय पर बीज उपचार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सिंचाई प्रबंधन और जैविक खेती के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। किसानों को बताया कि समय पर खेत की जुताई, संतुलित खाद का प्रयोग और उन्नत बीज उपयोग से उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। साथ ही सरकार द्वारा उपलब्ध विभिन्न कृषि योजनाओं, सब्सिडी और तकनीकी सहायता की भी जानकारी दी गई। इस कर्मशाला का उदेश्य किसानों को रबी फसलों की बुवाई से लेकर कटाई तक की आधुनिक और प्रभावी तकनीकों के बारे में शिक्षित करना। इस दौरान मुख्य रूप से बीएओ इंद्रकुंड मोदक, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी घनश्याम बोदरा, बीटीएम रतन टोप्पो, एटीएम सुखलाल सोय, बीएफएसी अध्यक्ष शशांक शेखर सिंहदेव, बीसीओ निर्मल लकड़ा, किसान मित्र धनेश्वर महतो, हलधर महतो, राजाराम महतो, सोनाराम महतो, मनमोहन मंडल, परमेश्वर महतो आदि, उधन मित्रा खेत्रोमोहन साहू आदि उपस्थित थे।
