सरायकेला में समावेशी शिक्षा पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
Seraikella
समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन एनआर जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय सरायकेला में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, चांडिल नवल किशोर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।

अपने संबोधन में नवल किशोर सिंह ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को समान अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर समावेशी वातावरण तैयार करें, ताकि दिव्यांग बच्चे भी शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें। साथ ही शिशु पंजी एवं यू-डायस में दिव्यांग बच्चों का विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए।
कार्यशाला में रिसोर्स शिक्षक प्रसेनजीत नाथ ने 21 प्रकार की दिव्यांगताओं की पहचान एवं उनके अनुरूप शिक्षण पद्धति पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समावेशी शिक्षा को सफल बनाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वहीं रिसोर्स शिक्षिका सीमा कुमारी ने केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इसमें दिव्यांगता प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति, एस्कॉर्ट एवं परिवहन सुविधा, रीडर भत्ता, ब्रेल व बड़े प्रिंट की पुस्तकें, विशेष उपकरण, चिकित्सा एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं।
समावेशी शिक्षा के जिला प्रभारी मनोज कुमार ने समापन सत्र में ‘प्रशस्त ऐप’ के माध्यम से सभी बच्चों का आकलन शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। कार्यक्रम का संचालन जयदेव त्रिपाठी ने किया।
इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों के शिक्षा पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षक एवं अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी रही। आयोजन के माध्यम से समावेशी शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
