ग्रामीण तथा स्वदेशी जनजातीय सेकोर प्रतियोगिता के बालिका वर्ग में कुचाई और बालक वर्ग सरायकेला बनी विजेता, जनजातीय खेलों को बढ़ावा देना उद्देश्य- उपायुक्त
Seraikella
सरायकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम मे जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ग्रामीण तथा स्वदेशी जनजातीय खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए जिले के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने कहा इस आयोजन का उद्देश्य जनजातीय खेलों को बढ़ावा देना है।

जनजातीय क्षेत्र में आज भी हजारों ग्रामीण खिलाड़ी मौजूद हैं जो बिना किसी संसाधन से अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करते हैं। इसके पूर्व जिले के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत, जिला शिक्षा अधीक्षक कैलाश मिश्रा, सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार, जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार, जिला तीरंदाजी संघ के सचिव सुमन चंद्र मोहती, अजय कुमार, डी एस ए सचिव मोहम्मद दिलदार सहित कई पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर लोक कला मंच खरसावां के कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता के अंतर्गत पारंपरिक तीरंदाजी, गुलेल, सेकोर एवं मटका दौड़ के साथ- साथ इनडोर गेम के तहत चेस प्रतियोगिता आयोजित की गई।ग्रामीण तथा जनजातीय स्वदेशी खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत आज खेले गए सेकोर प्रतियोगिता के बालिका वर्ग में कुचाई की टीम प्रथम जबकि खरसावां की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस खेल के बालक वर्ग का खिताब संजय सरायकेला एवं संत फ्रांसिस की टीम ने हासिल किया। गुलेल के बालक वर्ग में बिरसा साडिल प्रथम और विजय मुंडा द्वितीय रहे जबकि बालिका बारे में सोनम साडिल को पहला जबकि किरण पूर्ति को दूसरा स्थान मिला। मटका दौड़ में रूपाली गगराई प्रथम सलोनी चाकी द्वितीय और रूपा कुरली तृतीय स्थान पर रही। पारंपरिक तीरंदाजी के 30 मीटर प्रतियोगिता के बालक वर्ग में विशाल कुमार प्रथम धनराज नाग द्वितीय जबकि बालिका वर्ग में दीपाली राज प्रथम नंदिनी कुमारी द्वितीय, 20 मीटर बालक वर्ग में जय किशन प्रथम, सुमित कुमार द्वितीय जबकि बालिका वर्ग में श्रुति कुमारी प्रथम और नेहा कुमारी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार ने सम्मानित किया। इस आयोजन की सफलता में पिनाकी रंजन, हिमांशु मोहंती, संजय सुंडी, रविंद्र परिहारी, भूटान स्वासी, कुशो मिंज, पोलूस नाग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
