सरायकेला के धातकीडीह में महाशिवरात्रि पर हुई रस्म
पूर्वक शिव-पार्वती विवाह, हर हर महादेव के जयघोष से गूंज,
Seraikella
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सरायकेला के धातकीडीह (महालिमोरूप) गांव स्थित शिव मंदिर परिसर भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठी। भागवान शिव की भव्य बारात जब पारंपरिक भेशभूषा और आकर्षक झाँकी के साथ निकली, तो पूरा गाँव हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। महाशिवरात्रि पर शिव-पार्वती का विवाह रस्म पूर्वक हुई। इस अवसर पर दो बाल कलाकार पोशाक धारण कर शिव और पार्वती बने थे। इस अवसर पर कल शाम को भव्य शिव बारात निकाली गई। पारंपरिक भेशभूषा और आकर्षक झाँकियों के साथ यह बारात में हर हर महादेव के जयघोष से गुंझ उठी। बारात शिव मन्दिर के प्रांगण से निकाली गई जो पूरे गाँव का भ्रमण करते हुए पुनः मन्दिर प्रांगण पहुँची। शिव-पार्वती का रस्म के अनुसार बारात का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद उन दोनों का विवाह रस्म पूरी की गई। शिवजी के बरात में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा व उनके धर्म पत्नी मीरा मुंडा, जगतकिशोर प्रधान, स्थानीय युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान, ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र महतो समेत सैकड़ों महिला व पुरुष शामिल हुए थे। बराती डीजे साउंड की धुन पर जमकर थिरके। बराती में शामिल लोगों को समिति द्वारा भंडारा का आयोजन कर स्वादिष्ट भोजन कराया गया। मौके पर श्री श्री शिव मन्दिर समिति धातकीडीह के अध्यक्ष मधुसुदन मंडल ने कहा कि इस भव्य आयोजन का मुख्य उदेश्य धार्मिक आस्था को जीवंत करना और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक करना है। उक्त अनुष्ठान को सफल बनाने में शिव मन्दिर धातकीडीह के पुजारी पं. चितरंजन शर्मा, तापस शर्मा, अध्यक्ष मधुसुदन मंडल, सुनील मंडल, तपन मंडल, दिलीप मंडल, दिनेश मंडल, सूरज मंडल, रूपक मंडल, सचिन मंडल समेत समस्त ग्रामवासियों का सहयोग सराहनीय रहा।

महाशिवरात्रि बारात शिव-पार्वती विवाह का प्रतीक है,
जो विविधता, समानता व सादगी का संदेश देती है-अर्जुन मुंडा
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा जी महाशिवरात्रि पर शिव मन्दिर धातकीडीह पहुंचकर माथा टेका और उन्होंने शिव भगवान से क्षेत्र के लोगों की खुशहाली मांगी। ग्रामीण क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर शिव बारात की झांकी निकाल कर शिव पार्वती विवाह रस्म निभाई जाने पर उन्होंने आयोजन समिति की भूरि भूरि प्रशंसा की। आगे उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि बारात शिव-पार्वती विवाह का प्रतीक है, जो विविधता, समानता व सादगी का संदेश देती है। भूत- प्रेत, योगी व बैल सहित शिवजी की सादगीपूर्ण बारात हमसभी को एकता सिखाती है।
