झारखंड में कार्यरत ओड़िआ शिक्षकों के वर्षों से लंबित मानदेय भुगतान का मामला एक बार फिर चर्चा में,
Seraikella
सरायकेला। उड़ीसा सरकार की उत्कल सम्मेलनी के तहत झारखंड में कार्यरत ओड़िआ शिक्षकों के वर्षों से लंबित मानदेय भुगतान का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। क्षेत्र में ओड़िआ भाषा के संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे इन शिक्षकों को लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने से नाराजगी बनी हुई है। अब इस जटिल समस्या के समाधान को लेकर स्थानीय विधायक चंपई सोरेन ने झारखंड और उड़ीसा सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने की पहल का भरोसा दिलाया है।
मंगलवार को उत्कल सम्मेलनी के जिला सचिव अजय प्रधान के नेतृत्व में ओड़िआ शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक चंपई सोरेन के प्रतिनिधि सनद आचार्य से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। प्रतिनिधिमंडल में जिला परिदर्शक सुशील षाडंगी, प्रखंड कमेटी अध्यक्ष सुदीप पटनायक के अलावा रीता रानी दुबे, गीतांजलि महांती, लक्ष्मी प्रिया कर, रश्मिता दास, अर्चना दास, ज्योत्सना महापात्र, शक्तिपति पद्मावती, रंजीत मंडल और जय जीत सारंगी सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल थीं। प्रतिनिधिमंडल ने सरायकेला-खरसावां जिले में ओड़िआ भाषा के पठन-पाठन के माध्यम से वर्षों से किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि मानदेय लंबित रहने से शिक्षकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
लंबी बातचीत के दौरान विधायक प्रतिनिधि सनद आचार्य ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि विधायक चंपई सोरेन शीघ्र ही उड़ीसा सरकार के शिक्षा मंत्री से इस विषय पर वार्ता करेंगे और मानदेय भुगतान के लिए ठोस पहल की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी 8 और 9 फरवरी को जिले में प्रस्तावित केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दौरे के दौरान ओड़िआ शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात कर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाएगा।
