सरायकेला महिला महाविद्यालय में गांधी जयंती के अवसर पर सेमिनार,
Seraikella
सरायकेला। महिला महाविद्यालय सरायकेला में इतिहास विभाग की ओर से गांधी जयंती के अवसर पर सोमवार को एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य स्पार्कलिन देई ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर की।

इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में गांधी जी के संबंध में अपने विचार राखी महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे जहां विश्व में अशांति, हिंसा, घृणा व्याप्त था वहीं महात्मा गांधी पूरे दुनिया में अमन चैन लाने के लिए अपनी योगदान दी थी। महात्मा गांधी के सत्य अहिंसा का विचार वर्तमान समय में काफी प्रासंगिक है। उन्होंने इस अवसर पर गांधी जी के द्वारा गांव को मजबूत बनाने के लिए जो ग्राम स्वराज की परिकल्पना की गई थी उसे पर भी अपने विचार रखा। उन्होंने छात्राओं को कहा कि महात्मा गांधी के विचारों को आत्मसात करते हुए अपने जीवन को सफल बना सकते है। इस अवसर पर इतिहास विभाग के शिक्षिका हेमा सुजाता लकड़ा ने गांधी जी के विचार तथा उनके योगदान पर प्रकाश डाले। उन्होंने गांधी जी द्वारा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में जो प्रयास किए गए थे उसे पर छात्राओं को बताया ।उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के विचारों को आदर्श मानकर आगे बढ़े निश्चित रूप से उन्हें सफलता मिलेगी। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्राएं संगीता सरदार, अर्चना सोय, सिमरन मेलगाडी ,रितिका कुम्हार ,प्रीति, आशा परिहरी, लक्ष्मी हेंब्रम ने भी अपना विचार रखे। इस मौके पर वाणिज्य विभाग के शिक्षक मनोज महतो ,राजनीतिक विभाग के शिक्षिका चंपा पोल, वाणिज्य विभाग की शिक्षिका प्रेमा नुतन गाड़ी, हिंदी विभाग के शिक्षिका डा. श्वेत लता तथा महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थि थे।
