मुंबई के एनसीपीए में सरायकेला छऊ की गूंज, कलाकारों ने बिखेरा जलवा
Seraikella
सरायकेला। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) में आयोजित लोक गाथा महोत्सव की कड़ी में बीती रात सरायकेला छऊ नृत्य की भव्य प्रस्तुति दी गई। इस प्रतिष्ठित मंच पर सरायकेला की सांस्कृतिक विरासत ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की।
कार्यक्रम में स्थानीय संस्था ‘आचार्य विचित्र’ सरायकेला एवं नई दिल्ली के कलाकारों ने संयुक्त रूप से अपनी प्रस्तुति दी। पद्मश्री से सम्मानित छऊ गुरु शशधर आचार्य के नेतृत्व में 12 सदस्यीय दल ने एनसीपीए के एक्सपेरिमेंटल थिएटर के मंच पर पारंपरिक सरायकेला छऊ की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दल में सुकांत आचार्य, सतीश मोदक, विश्वनाथ कुंभकार, गोविंद महतो, शुभम आचार्य, रंजीत आचार्य, राजेश, चंद्र नारायण मोहंती, सुशांत सिंह एवं गोपाल दयाल सहित अन्य कलाकार शामिल रहे। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, मुखौटा और सजीव भाव-भंगिमा के साथ छऊ नृत्य की विशिष्ट शैली को मंच पर जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में मौजूद कला प्रेमियों ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। सरायकेला के लिए यह गर्व का क्षण रहा कि यहां की पारंपरिक कला ने मुंबई जैसे महानगर में अपनी अलग छाप छोड़ी।
