खरसावां मे पुलिस की पहल रंग लाई, किसानों ने अफीम खेती छोड़ अपनाई हल्दी, सब्जी और वैकल्पिक खेती,
Kharsawan
सरायकेला खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड में अवैध अफीम खेती पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा की गई पहल का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। पुलिस की लगातार निगरानी, जागरूकता अभियान और संवाद के बाद अब कई किसानों ने अफीम की अवैध खेती छोड़कर, हल्दी, सब्जी सहित वैकल्पिक खेती की ओर कदम बढ़ाया है। पुलिस अधिकारियों ने गांव-गांव जाकर किसानों को अवैध अफीम खेती से होने वाले कानूनी नुकसान और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी। साथ ही किसानों को सब्जी, दाल, तिलहन एवं अन्य नकदी फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। पुलिस ने बताया कि वैकल्पिक खेती से किसानों को सुरक्षित और स्थायी आमदनी मिल सकती है। किसानों ने बताया कि पुलिस द्वारा समझाइश और सहयोग मिलने से उन्हें सही दिशा मिली है। अब वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर वैध तरीके से खेती कर आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहे हैं। खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने स्पष्ट किया कि आगे भी अवैध अफीम खेती पर सख्ती जारी रहेगी। वहीं वैकल्पिक खेती अपनाने वाले किसानों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। पुलिस की इस पहल से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

ड्रोन कैमरा से अफीम खेती पर पुलिस की नजर, किसानों को वैकल्पिक खेती अपनाने का संदेश
खरसावां में अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने के उद्देश्य से खरसावां पुलिस प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। पुलिस द्वारा ड्रोन कैमरे के माध्यम से खरसावां थाना अंतर्गत अवैध अफीम की खेती की रोक लगाने के उद्देश्य रविवार को सशस्त्र सीमा बल 26 कैंप रायजामा के सशस्त्र बल के सहयोग से खरसावां के सुदूरवती नक्सली क्षेत्र
रायजामा के आसपास के जंगली व पहाड़ी क्षेत्रों में खेतों का भौतिक एवं ड्रोन के माध्यम से सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान पाया गया कि कुछ खेतों में सब्जी, सरसों एवं मटर की खेती की गई है। साथ ही अधिकांश भूमि में कुछ भी खेती नहीं की गई है।

83 एकड़ में लगी अफीम की खेती की गई नष्ट
खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि खरसावां क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ अभियान चला कर अब तक कुल 83 एकड़ क्षेत्र में लगी अफीम की फसल को नष्ट किया जा चुका है। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि खरसावां क्षेत्र अफीम की खेती से लगभग मुक्त हो चुका है। यह सफलता ग्रामीण और किसानों के सहयोग के बिना संभव नहीं था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और अफीम की खेती करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सहयोग करने वाले किसानों को हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी।
