शहर से बाहर न्यायालय स्थानांतरण के विरोध में उतरे जलेश कवि, आंदोलन की चेतावनी
Seraikella
सरायकेला। शहर के बीचों-बीच स्थित व्यवहार न्यायालय को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की चर्चा के बीच स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवार सह अधिवक्ता जलेश कवि ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस निर्णय का कड़ा विरोध जताया है और जरूरत पड़ने पर जनआंदोलन की चेतावनी दी है।
जलेश कवि ने कहा कि सरायकेला का व्यवहार न्यायालय पहले शहर के मध्य में संचालित होता था। वर्ष 2005 में जगह की कमी एवं नए भवन की आवश्यकता को देखते हुए इसे शहर के भीतर ही अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया गया था, जिसके लिए करोड़ों रुपये की लागत से भवन का निर्माण कराया गया। अब पुनः न्यायालय को शहर से बाहर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है, जो जनविरोधी कदम है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के शहर से बाहर जाने पर आम जनता, विशेषकर नगरवासियों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इससे उनके समय और धन दोनों की हानि होगी। न्यायालय परिसर के बाहर वर्षों से छोटे-छोटे दुकानदार अपनी जीविका चला रहे हैं। स्थानांतरण की स्थिति में उनकी रोजी-रोटी पर भी संकट आ जाएगा।
कवि ने आरोप लगाया कि पहले समाहरणालय भवन को शहर से बाहर ले जाया गया और अब न्यायालय भवन को भी बाहर स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। इससे अधिवक्ताओं एवं मुवक्किलों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि न्याय तक आसान पहुंच प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और न्यायालय का स्थानांतरण इस अधिकार को कमजोर करेगा।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित निर्णय को निरस्त करते हुए न्यायालय को वर्तमान स्थान पर ही संचालित किया जाए। अन्यथा स्थानीय लोग विरोध में सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
