कुचाई के 146 टीबी मरीजों के बीच पोषण आहार का वितरण, टीबी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से करे, क्योंकि शीघ्र निदान और उपचार ही सबसे महत्वपूर्ण है-डॉ चंद्रभूषण चौधरी,
Kuchai
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कुचाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी के 146 मरीजों के बीच पोषण आहार का वितरण किया गया। आरएस वी फाउंडेशन के द्वारा जिला यक्षमा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्रभूषण चौधरी, कूचाई चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर सुजीत कुमार मुमू, आरएसवी फाउंडेशन के शचिकांत त्रिपाठी, एसटीएस नसीमुद्दीन खान, एसटीएम एस मोहम्मद तारिक खान के उपस्थिति मे पोषण आहार का वितरण किया। मौके पर डॉक्टर चौधरी ने कहा कि यदि आपको टीबी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि शीघ्र निदान और उपचार ही सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टर थूक परीक्षण और/या अन्य जाँचों के माध्यम से सही निदान कर सकते हैं और उचित उपचार शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीबी (तपेदिक) एक जानलेवा बीमारी है जो कि अनुपचारित रहने पर शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकती है और मृत्यु का कारण बन सकती है। यह एक संक्रामक रोग है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया के कारण होता है और फेफड़ों के साथ-साथ मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और गुर्दे जैसे अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। जबकि डॉक्टर मुर्मू ने कहा कि देश को टी बी से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीबी के मरीजों के लिए पोषण आहार जरूरी है। इससे उनकी इम्युनिटी पावर बढ़ती है और रोग से लड़ने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। लोग निक्षय मित्र बनकर इस अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। बताया गया कि 2 सप्ताह से अधिक खांसी, वजन कम होना, हल्का बुखार, बलगम में खून, कमजोरी आदि टी बी के लक्षण हैं। ऐसा होने पर लोग कुचाई अस्पताल में जांच कराएं। दवाएं निशुल्क दी जाती हैं।
