सरायकेला मे वरीय छऊ कलाकार शम्भू नाथ कबी की आकस्मिक निधन पर शोक सभा, कलाकारों ने दो मिनट मौन रखकर उनके आत्मा शांति हेतु की प्रार्थना,
Seraikella सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के कलाकारों ने वरीय छऊ कलाकार शम्भू नाथ कबी की आकस्मिक निधन से दुखी होकर राजकीय छऊ नृत्य कलाकेंद्र प्रेक्षागृह में गुरु ब्रजेन्द्र पटनायक की अध्यक्षता में एक शोक सभा का आयोजन किया गया।

सर्वप्रथम कलाकारों ने दिवंगत शम्भूनाथ कबी की तैल्यचित्र पर पुष्प अर्पित कर भावबीनी श्रद्धांजलि दिया तथा उनके आत्मा की शांति हेतु दो मिनट का मौन रखा,उक्त अवसर पर एसोसिएशन के सरंक्षक मनोज चौधरी ने कहा कि शम्भू कबी एक वरीय कुशल छऊ कलाकार थे, उन्होंने हर वर्ष चैत्र पर्व में अपना योगदान बढ़ चढ़ के देते थे तथा मंच पर कला का प्रदर्शन करते थे,अध्यक्ष भोला महंती ने कहा कि शम्भू कबी एक हंसमुख और सरल महानुभाव थे,छऊ कला संस्कृति की सरंक्षण,संवर्धन में उनका बहुत ज्यादा योगदान है, कोडीनेटर सुदीप कबी ने कहा कि शम्भू कबी हमारे कालाकेंद्र के युवा कलाकार राकेश कबी के पूज्य पिताजी थे, वे एक सेवानिवृत सरकारी कर्मचारी थे, सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद वे अपना ज्यादा समय हमारे पारम्परिक कला संस्कृति, पूजा पाठ में देते थे, उनके निधन हमारे लिए अपूरणीय क्षति,मौके पर उपस्थित सभी ने बारी बारी से उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला,उक्त अवसर पर गुरु तरुण भोल, श्रीधर सिंहदेव, आशीष कर, विनोद प्रधान, निवारण महतो, आद्या पदों साहू, मिहिर लाल महतो, सिद्धू दारोघा, शिव नाथ मिश्रा, कुना सामल, अभिनाश कबी, अनिमेष कर, अमन कर, अनमोल हुंज सहित कई कलाकार उपस्थित थे ।
