क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद भारतीय खाद्य निगम चाईबासा के पान्ड्राशाली के 53 मजदूरो को मिला 6.63 लाख बकाया मजदूरी,
Khutpani
खूंटपानी प्रखंड के पान्ड्राशाली स्थित भारतीय खाद्य निगम चाईबासा पान्ड्राशाली मे एमएसकेजे इंटरप्राइजेज के द्वारा मजदूरी करवा कर मजदूरी नहीं देने से कारण परेशान मजदूरों ने दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर थे। मजदूरी भुगतान की मांग को लेकर पश्चिमी सिंहभूम जिला श्रम अधीक्षक सहित कई जगह गुहार लगा चुके थे।

इसके बावजूद उन्हें मजदूरी नहीं मिल रहा था। जिसके बाद क्षेत्रीय श्रम आयुक्त, लखनऊ, संभागीय श्रम आयुक्त, धनबाद, आयुक्त, सहायक श्रम आयुक्त, चाईबासा के हस्तक्षेप के बाद खूंटपानी के 53 मजदूरो को 6 लाख 63 हजार, 300 रुपये बकाया मजदूरी भुगतान किया गया। बता दे कि विगत 10 जून को श्रम अधीक्षक चाईबासा को सौपे गए ज्ञापंन में कहा गया था कि भारतीय खाद्य निगम चाईबासा (पान्ड्राशाली) एमएसकेजे इंटरप्राइजेज के द्वारा मजदूरी करवाकर लगभग एक सौ मजदूरो को उनका मजदूरी नहीं दिया गया। कारण यह है कि इस कम्पनी में संचालक डिबर जोंको के द्वारा डॉक्यूमेंट के आधार पर परमानेट नौकरी देने के नाम पर मजदूरों को नियुक्ति दिया गया था पर कंपनी में मजदूरों, गार्ड एवं ड्राइवरों को सही तरह से उनका मजदूरी नहीं दिया गया और कुछ बकाया राशि का भी भुगतान नहीं किया। जिसके कारण रोज कमाने खाने वाले मजदूरो के घरों की स्थिति काफी खराब हो गया है। इन्हे काफी समस्याओ और परेशानियों का सामना करना पड रहा है। मजदूरो ने मजदूरी भुगतान को लेकर कांग्रेस के साथ साथ कई जगह गुहार लगाई थी। मजदूरों ने लिखित रूप से इसकी सूचना एवं मजदूरों की सूची के साथ विधिक सलाहकार हेवेल हेंब्रम को मिला। श्री हेंब्रम ने स्थानीय संगठन आदिवासी हो समाज महासभा के उपाध्यक्ष मनोज कुमार सोय से संपर्क कर मामले की पुष्टि करने के उपरांत सीधे क्षेत्रीय श्रम आयुक्त, लखनऊ, संभागीय श्रम आयुक्त, धनबाद, आयुक्त, सहायक श्रम आयुक्त, चाईबासा से संवाद स्थापित करते हुए कुल 53 मजदूरों का कुल मजदूरी 6,63,300/- का बकाया राशि मजदूरों को दिलवाया गया। इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से हैवेल हेंब्रम (पूर्व एसपी सीबीआई), सांसद प्रतिनिधि रेगो पूर्ति एवं महासभा के उपाध्यक्ष मनोज कुमार सोय का योगदान रहा।
