खरसावां के उड़िया नाटक के कलाकार स्वं जितेन
धोडाई के निधन पर शोक सभा, उनका निधन न केवल नाटक
जगत बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है- कामाख्या
Kharsawan
खरसावां के महावीर संघ उड़िया नाटक ओपेरा के कलाकार सह समाजसेवी स्वर्गीय जितेन धोडाई के निधन पर खरसावां के कुम्हार साई स्थित काली मंदिर परिसर में शोक सभा का आयोजन किया गया। सभा में बड़ी संख्या में उड़िया नाटक कलाकारों एवं स्थानीय लोगों ने भाग लेकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। महावीर संघ उड़िया नाटक ओपेरा के निर्देशक कामाख्या प्रसाद षाड़ंगी के नेतृत्व में कलाकारों ने स्व. धोडाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की गई। सभा को संबोधित करते हुए निर्देशक कामाख्या प्रसाद षाड़ंगी ने कहा कि स्वर्गीय जितेन धोडाई का उड़िया नाटक जगत में अतुलनीय योगदान रहा है। वे उच्च स्तरीय कलाकार होने के साथ-साथ एक समर्पित समाजसेवी भी थे। उनका निधन न केवल नाटक जगत बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती। स्व. जितेन धोडाई के निधन से पूरे खरसावां क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से राम गोविंद मिश्रा, सुशांत षाड़ंगी, सुजीत हाजरा, सुशील कुमार षाड़ंगी, सरोज मिश्रा, असीत षाड़ंगी, खिटीस दास, पुणेंदु राउत, समीर बारिक, महेश्वर कुम्हार, सुधीर बारिक, रविंद्र कुंभकार, अनिल कुंभकार, चका मिश्रा सहित महावीर संघ उड़िया नाटक ओपेरा के कई कलाकार उपस्थित थे।
