जिले के सरकारी विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस “समर्थ कैस्केडिंग” घंटी का आयोजन किया जाएगा-कैलाश मिश्रा,
Seraikella
सरायकेला-खरसावां जिले के सरकारी विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस “समर्थ कैस्केडिंग” घंटी का आयोजन किया जाएगा। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची द्वारा राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस “समर्थ कैस्केडिंग’ घंटी के आयोजन संबंधी एक महत्त्वपूर्ण पत्र जारी किया गया है। विभाग ने पहल करने के लिए सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लागू करने का निर्देश दिया है। इसी क्रम में सरायकेला-खरसावां के जिला शिक्षा अधीक्षक कैलाश मिश्रा ने पत्र के आलोक में जिले के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। जारी पत्र में उल्लेख है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस “समर्थ कैस्केडिंग” पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं के प्रति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस “समर्थ कैस्केडिंग” जागरूकता बढ़ाना, तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करना और शिक्षण-सीखने की प्रक्रिया में नवाचार लाना है। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय में सप्ताह में दो बार विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मूलभूत सिद्धांत, इसके उपयोग, व्यावहारिक उदाहरण और शिक्षा में इसके महत्व को विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। विभाग ने शिक्षकों के लिए सीपीडी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी प्रारंभ किया है, जिससे शिक्षक नई तकनीकों को समझकर उन्हें प्रभावी रूप से विद्यार्थियों तक पहुंचा सके।
कक्षाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी
विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विस्तृत मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया है। दिशा-निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित योजना के अनुरूप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस”समर्थ कैस्केडिंग” कक्षाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। स्कूलों को अपने स्तर से योजनाओं को सुचारू रूप से लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि राज्यभर में शिक्षा की गुणवत्ता में तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से सुधार हो सके। जिला शिक्षा अधीक्षक ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा करें और सुनिश्चित करें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस “समर्थ कैस्केडिंग’ घंटियां प्रभावी रूप से संचालित हों।
