कुचाई के सुदूरवर्ती क्षेत्र नीमडीह में धरती आबा अभियान
के तहत लगा जन सेवा शिविर, सुनी गईं ग्रामीणों की समस्याए, परिसंपतियों
का वितरण, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे सरकार की योजना-गागराई
kuchai कुचाई के सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्र रुगुबेड़ा पंचायत के नीमडीह में पहली बार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहतएक जन सेवा-सह-जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर सुनकर समाधान करना और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना रहा। शिविर में खरसावां के विधायक दशरथ गागराई, उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा और जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। शिविर में कुल 24 विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए गए, जिनके माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं जैसेकृ प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना, मनरेगा, लखपति दीदी योजना, जातिध्आय प्रमाण पत्र, पेंशन, स्वास्थ्य सेवाएं आदि की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभुकों से आवेदन लिए गए। मौके पर श्री गागराई ने कहा कि हेंमत सरकार की मंशा है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजना पहुंचे। इस दिशा में तमाम कल्याणकारी कदम उठाए जा रहे हैं। जनता को सीधा लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होने कहा कि कुचाई जैसे दुर्गम क्षेत्र में विभागीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में इस तरह का शिविर लगाना एक सराहनीय कदम है। पंचायत भवन, मोबाइल टावर, विद्यालय व आंगनबाड़ी निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और जल्द ही सभी लंबित योजनाओं को पूरा किया जाएगा। श्री गागराई ने कहा कि हमारी सरकार का यह प्रयास है कि वह समाज के हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, उनके विकास में मदद करें और उनकी सेवा करें। उन्होने कहा कि हम अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते हैं। हम जिम्मेदारी लेने के लिए बैठे हैं। हम अपनी जिम्मेदारी से भागने लगेंगे तो जनता को लाभ कैसे दे पाएंगे। जिला प्रशासन के अधिकारी सरकार की जमीन कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं नियंत्रण चल रही है आगे भी चलते रहेगी यह कभी बंद नहीं होगा। जिला प्रशासन की सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतरने के लिए प्रयासरत है।

ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं-प्रशासन ने दिया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
शिविर में क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से आए ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष सड़क, पेयजल, विद्यालय, पंचायत भवन, नेटवर्क कनेक्टिविटी, पेंशन आदि से जुड़ी समस्याएं रखीं। लखीराम मुंडा (गिलौला गांव) गांव को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत व मोबाइल टावर निर्माण की मांग। बुधनी मुरारी (नीमडीह गांव) गांव में स्कूल व पेयजल सुविधा की कमी। बहादुर गुड्डू (लिंगा मुंडा) पेंशन 6 माह से बंद, मधुसूदन मुंडा (धुंआदि गांव) सिंचाई के लिए चेक डैम की मांग, बत्ती लोहार (डुंडी गांव) मुख्यमंत्री माय योजना का लाभ नहीं मिला। सुकमणी टुट्टी पहले दो बार योजना का लाभ मिला, अब बंद। सोया मुंडा रुकुंडी गांव को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत और बिजली आपूर्ति की मांग। मरियल भांगड़ा और लेम्बो मुंडा (महिलाएं) बंद पड़ी पेंशन योजना पुनः प्रारंभ करने की मांग। अन्य ग्रामीणों ने जलमीनार, चापाकल, विद्यालय मार्ग की मरम्मत, आवास योजना की दूसरी किस्त जैसे मुद्दों पर भी आवेदन दिए। जिसपर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया जाए। जिन समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर संभव नहीं है, उन्हें संबंधित विभाग या राज्य सरकार को भेजा जाए।

खरसावां विधायक ने किया पांच सड़कों का
शिलान्यास, अनेक योजनाओं के लाभ का वितरण
खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने रुगुबेड़ा पंचायत और आसपास के गांवों को जोड़ने वाली 5 नई सड़कों का शिलान्यास किया। साथ ही चयनित लाभुकों के बीच अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना, लखपति दीदी योजना, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र, जाति, आय प्रमाण पत्र, मनरेगा अंतर्गत जॉब कार्ड, बिरसा हरित ग्राम योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (प्रशस्ति पत्र वितरण), गर्भवती महिलाओं को पोषण पैकेट, किसानों को धान व मक्का बीज का वितरण किया गया तथा बच्चों के लिए अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।

गांव पहाड़ों के बीच बसा होने के बावजूद विकास की अपार संभावनाएं-डीसी
जिला उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने कहा कि यह गांव पहाड़ों के बीच बसा होने के बावजूद विकास की अपार संभावनाएं रखता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकती है। रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसी प्राथमिक आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु ठोस प्रयास किए जाएंगे।
अफीम जैसी प्रतिबंधित फसलों की खेती न करें-एसपी
पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अफीम जैसी प्रतिबंधित फसलों की खेती न करें और कृषि विभाग द्वारा वितरित उपजाऊ बीजों से लाभ लें।
ये थै मौजूद
खरसावां के विधायक दशरथ गागराई, उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, डीआरडीए निदेशक डॉ. अजय तिर्की, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सुरेंद्र उरांव, प्रखंड विकास पदाधिकारी साधुरचण देवगम, मुखिया करम सिंह मुंडा आदि मौजूद थे।
