मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के द्वितीय वर्ष के 25 छात्र-छात्राए अपने शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत कला नगरी सरायकेला पहुंचा,
Seraikela
सरायकेला।मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के द्वितीय वर्ष के 25 छात्र-छात्राओं का एक दल अपने शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत कल कला नगरी सरायकेला पहुंचा है। इस अवसर पर स्थानीय प्रतिष्ठित संस्था ‘आचार्य छऊ नृत्य विचित्रा’ के सहयोग से सरायकेला में छऊ नृत्य आधारित विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला का शुभारंभ आचार्य छऊ नृत्य विचित्रा के सभागार में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सीआरपीएफ 134 बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी जितेंद्र कुमार एवं असिस्टेंट कमांडेंट पुरुषोत्तम वर्मा उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में पद्मश्री गुरु शशधर आचार्य, समाजसेवी जलेश कवि तथा विधायक प्रतिनिधि सनद आचार्य शामिल थे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
खास होगा रविंद्र नाथ टैगोर की चित्रांगदा का मंचन :-
15 दिनों में सरायकेला शैली छऊ नृत्य , मुखौटा एवं अंगिक संचालन के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी दी। संस्था के सह-निदेशक रंजीत कुमार आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय, भोपाल जो कि मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति संचालनालय के अंतर्गत संचालित है के 25 कलाकार सरायकेला छऊ नृत्य की विशेष शिक्षा प्राप्त करने हेतु यहां आए हैं। 15 जनवरी तक भ्रमणशील आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
कार्यशाला में सरायकेला छऊ नृत्य को नाट्य कला में किस प्रकार प्रयोग किया जाए, इस पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही सरायकेला क्षेत्र की पारंपरिक संगीत शैली, मुखौटा परिचय, शारीरिक अंग संचालन, शारीरिक गतियां एवं भाव-भंगिमाओं की बारीकियों पर भी कलाकारों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह संपूर्ण कार्यशाला पद्मश्री गुरु शशधर आचार्य के नेतृत्व में संचालित हो रही है।
शिक्षण कार्य में नाथु महतो (संगीत),पद्मश्री गुरु शशधर आचार्य (आंगिक अभिनय), गुरु दिलीप कुमार आचार्य (मुखौटा निर्माण) तथा गुरु सुकांत आचार्य (वाद्य यंत्र) अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के शिक्षक तरुण पांडे एवं हेमराज तिवारी भी छात्र दल के साथ उपस्थित हैं।
कार्यशाला की समाप्ति के पश्चात नाटक ‘चित्रांगदा’ का मंचन किया जाएगा, जिसमें सरायकेला छऊ नृत्य का रचनात्मक प्रयोग किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में कलाकार सतीश भोदक द्वारा प्रस्तुत हंस नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में सरायकेला के अनेक गणमान्य नागरिक, कला प्रेमी एवं बुद्धिजीवी उपस्थित थे, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।
