गणित व विज्ञान विषय को सरल बनाने पर जोर, कई यूनिवर्सिटी में इस संबंध में दे चुके हैं प्रेजेंटेशन, विद्यार्थियों में मैथ और साइंस फोबिया खत्म करने के लिए शोध में जुटे हैं सरायकेला के अमर्त्यशेखर,
Seraikella
सरायकेला। कहते हैं कि होनहार वीरवान के होत चिकने पात और मन में ठान लो तो हर मुश्किल मुमकिन है नहीं तो सब असंभव ही असंभव है। कुछ ऐसा ही साबित कर रहे हैं सरायकेला के युवा शोधकार अमर्त्यशेखर दुबे। एक साधारण परिवार से आने वाले अमर्त्य शेखर दुबे राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार), भुवनेश्वर ओडीशा से मैथ एवं साइंस विषय में टोपोलॉजी पर रिसर्च कर रहे हैं। अमर्त्य शेखर के पिता विजय कुमार दुबे सेवानिवृत्ति शिक्षक है। और माता श्रीमती शिप्रा दुबे कुशल गृहणी है।
अमर्त्य शेखर दुबे टोपोलॉजी पर शोध कर रहे हैं, जो एडवांस पार्ट आफ अलजेब्रा है ।जिसे वर्तमान में हाई डिमांड है। एआई से लेकर मेडिकल साइंस में इसकी काफी मांग हो रही है। मेडिकल डाटा, मशीन लर्निंग ,कैंसर अनुसंधान के साथ-साथ आंकड़ों की पहचान में इसका उपयोग हो रहा है ।सबसे बड़ी बात है इसका उपयोग रोबोटिक्स और सेंसर नेटवर्क में इसका उपयोग हो रहा है। जिसमें रोबोट को रास्ता बताने और सेंसर को सही जगह लगाने के संबंध इसका उपयोग हो रहा है।
पुराने समय से लेकर आज तक भी एक बात शिक्षण क्षेत्र में सर्वाधिक रही है कि बच्चा विद्यालय जाकर अच्छी पढ़ाई कर रहा है। और हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन के बावजूद भी बच्चों में गणित एवं विज्ञान विषय की फोबिया ओवरऑल सामान्य रूप से देखी जाती है। शोध भी बताते हैं कि मात्र 15 से 20% बच्चे ही अपने फेवरेट सब्जेक्ट के रूप में गणित और विज्ञान विषय को बताते हैं। इसी गणित और विषय विज्ञान फोबिया के बचपन में शिकार रहे अमर्त्य शेखर ने अपने शिक्षण सफर में ही ठान लिया था कि गणित एवं विज्ञान विषय को हर किसी के लिए सरल एवं रुचिकर बनाएंगे। इसी जिद के साथ अमर्त्य शेखर ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए और महाविद्यालयों में विज्ञान एवं गणित विषय को रुचिकर तथा सरल बनाने के उद्देश्य से मैथ एंड साइंस के टोपोलॉजी पर रिसर्च प्रारंभ किया।
March 10, 2026 9: 41 am
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