खरसावां-कुचाई मे उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए 168 विद्यालयो में हुई परीक्षा, 7200 निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य,
Kharsawan-kuchai खरसावां-कुचाई प्रखंड के 7200 निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य को लेकर 168 विद्यालयो में साक्षर बनाने के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया। रविवार को खरसावां प्रखंड के चार हजार निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य लेकर प्रखंड के 117 विद्यालयों में परीक्षा केन्द्र बनाया गया था।
जबकि कुचाई प्रखंड के 3200 निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य लेकर प्रखंड के 51 विद्यालयो में साक्षर बनाने का परीक्षा आयोजित किया गया। खरसावां-कुचाई प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के द्वारा शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न करने के लिए परीक्षा केन्द्रो में केंद्रीयधीक्षक एवं वीक्षक की प्रतिनियुक्ति किया था। आदर्श मध्य विद्यालय खरसावां में साक्षर बनाने के लिएआयोजित परीक्षा में 50 निरक्षरों ने साक्षर बनने की परीक्षा दी। मौके पर खरसावां प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी पंकज कुमार महतो ने कहा कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम साक्षरता ही जीवन का कर्म है एवं इसका क्रम कभी नहीं टूटना चाहिए। साक्षर परीक्षा का उद्देश्य 15 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के निरक्षरों को आजीवन सीखने को बढ़ावा देना है। 150 अंकों की परीक्षा होगी। परीक्षा में सफल होने वाले लोग पढ़े लिखे माने जाएंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हम ऐसे भी समझ सकते हैं कि साक्षर अपना काम स्वयं कर सके, पढ़ाई का माध्यम ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों हो सकता है तथा आज के समय में ऑनलाइन फ्रॉड केस बढ़ रहे हैं तथा भारत डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है अतः ज़रूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति को मोबाइल बैंकिंग, व्यवहारिक ज्ञान, अच्छे बुरे की समझ एवं स्वयं पर विश्वास होना चाहिए अतः बुनियादी शिक्षा कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता देश हित से जुड़ा हुआ सशक्त माध्यम है। इस दौरान मुख्य रूप से मुखिया सुनीता तापे, बीपीओ पंकज कुमार महतो, बीआरपी राजेंद्र गोप, सीआरपी सरोज कुमार मिश्रा, विशेश्वर महतो, शिक्षक अब्दुल मजीद खान, वंदना कुमारी, पुष्पा पुष्टि, प्रधान सोय, अभिमन्यु प्रधान, आदि उपस्थित थे।