खरसावां के आमदा में 500 बेडेड अस्पताल निर्माण कार्य पुनः शुरू कराने की मांग, खूंटी सांसद ने झारखंड के मुख्य सचिव से की मुलाकात, अस्पताल निर्माण कार्य पूरा होने से स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी समस्या का होगा समाधान-सांसद
Kharsawan
खूंटी लोक सभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण मुंडा ने सोमवार को झारखंड सरकार के मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मुलाकात कर सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां के आमदा में प्रस्तावित 500 बेड अस्पताल भवन निर्माण कार्य को पुनः शुरू कराने की मांग की। सांसद ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि खरसावां के आमदा में 500 बेड अस्पताल निर्माण कार्य की शुरुआत 12 नवंबर 2011 को की गई थी। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए लगभग 25 एकड़ भूमि भी उपलब्ध कराई गई है, लेकिन लंबे समय से निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। इसके कारण क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सांसद कालीचरण मुंडा ने कहा कि यह अस्पताल योजना जनहित में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी है। अस्पताल निर्माण कार्य पूरा होने से सरायकेला-खरसावां सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी समस्या का समाधान होगा। लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी तथा गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने मुख्य सचिव से निर्माण कार्य बंद होने के कारणों की समुचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा योजना को जल्द से जल्द पुनः शुरू कराने की दिशा में ठोस पहल करने का आग्रह किया। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने मामले में आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।

13 साल अधूरा है 500 बेडेड अस्पताल का निर्माण कार्य,
खरसावां के आमदा में 500 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य आज 13 साल बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। 13 सालों में अब तक केवल भवन का स्ट्रक्चर ही खड़ा हुआ है। अस्पताल का निर्माण डूंगरीनूमा टीला में किया जा रहा है। इस कारण भी अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू करने में देरी हुई। तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने 12 नवंबर 2011 में 500 बेड के अस्पताल का शिलान्यास किया था।
अस्पताल निर्माण हेतु 153.96 करोड़ की मिला था स्वीकृत
विगत 25 फरवरी 2011 में मंत्री परिषद की बैठक में खरसावां के आमदा में 500 बेड वाले अस्पताल के निर्माण के लिए कुल 153.96 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। इसके लिए नयी दिल्ली की एनबीसीसी लिमिटेड के साथ इकरारनामा किया गया। स्वीकृत राशि में से अधिकांश राशि की निकासी कर ली गयी है। एकरारनामा के अनुसार अस्पताल का निर्माण कार्य 26 फरवरी 2014 तक पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन अब भी अधूरा पड़ा हुआ है।
करोड़ों खर्च होने के बाद अतिरिक्त राशि की दरकार
पांच सौ बेडेड अस्पताल भवन का निर्माण कार्य विगत दो सालों से भी अधिक समय से बंद पड़ा हुआ है। इसी बीच झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा निर्माण कार्य को पूरा करने के साथ-साथ अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 353.04 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर सरकार के पास भेजा गया है। यह मूल स्वीकृत प्राक्कलन राशि 153.96 करोड़ से काफी अधिक है। सरकार के स्तर पर पुनरीक्षित प्राक्कलन की समीक्षा की जा रही है।
कई बार विधानसभा में उठ चुका है मामला
इस 500 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा कराने के प्रति स्थानीय विधायक दशरथ गागराई भी काफी मुखर रहे है। उन्होंने विगत एक दशक से लगातार इस मामले को झारखंड विधानसभा में उठाया है। विगत बजट सत्र में भी विधायक ने इस मामले को विस उठाते हुए सरकार से जल्द से जल्द अस्पताल भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कराने का आग्रह किया था। इस पर सरकार की ओर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सदन में ही योजना स्थल का निरीक्षण करते हुए दो माह के भीतर इस पर आवश्यक निर्णय लेने का आश्वसन दिया था.
25 एकड़ में फैला है अस्पताल कैंपस
भविष्य में इस अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में उत्क्रमित करने की योजना थी। लेकिन, यह योजना पूरी नहीं हो पायी है। खरसावां के आमदा में निर्माणाधीन अस्पताल का कैंपस करीब 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। निर्माणाधीन हॉस्पिटल भवन में क्लीनीकल ब्लॉक व ओपीडी 8-8 फ्लोर का है। वार्ड बिल्डिंग में 11 फ्लोर बनाया जा रहा है। 1.25 लाख वर्गफीट में पूरा बिल्डिंग बनाया जा रहा है। अब तो पिछले तीन वर्षों से निर्माण कार्य ठप रहने के कारण भवन के सामाग्री भी खराब होने लगे है।
