समेकित जनजाति विकास अभिकरण (ITDA) विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न…* *छात्रवृत्ति, साइकिल वितरण एवं भवन निर्माण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश…* *विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लाभुकों तक लाभ पहुँचाने के दिए गए निर्देश…*
Seraikella
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त–सह–जिला दंडाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समेकित जनजाति विकास अभिकरण (ITDA) विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी श्री गोपी उरांव, सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के भुगतान की समीक्षा की गई तथा उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि प्राप्त आवंटन के अनुरूप सभी पात्र छात्र-छात्राओं को समयबद्ध रूप से छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रहे। साथ ही साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए शेष बचे साइकिल वितरण कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने एवं वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा के क्रम में सरना-जाहेरथान, आदिवासी कला एवं संस्कृति भवन, बहुद्देशीय भवन, धूमकुड़िया एवं मांझी थान भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त द्वारा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए तथा जिन अंचलों से प्रस्ताव लंबित हैं, उनसे शीघ्र प्रस्ताव प्राप्त कर अग्रेतर कार्रवाई करते हुए विभाग को प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत योजनाओं के भौतिक सत्यापन की समीक्षा करते हुए लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
उपायुक्त ने विभागीय योजनाओं का स्थानीय स्तर पर विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर बल दिया, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए लक्षित परिवारों की पहचान सुनिश्चित कर उन्हें समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा नियमित अनुश्रवण के माध्यम से प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि लक्षित वर्गों तक योजनाओं का लाभ सुचारु रूप से पहुँच सके।
